आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। देश-विदेश में महिलाओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, मोहल्ला छीपीवाड़ा में बेटों ने ही विधवा मां को घर से निकाल दिया। िस्थ्ाति यह है कि दो बेटों के होने के बावजूद विध्ावा मां को दूसरों के रहमों करम पर रहना पड़ रहा है।
वह फुटपाथ पर रात काटने को मजबूर हैं। विधवा का एक बेटा गाजियाबाद और दूसरा पिलखुआ के दहपा रोड पर रहता है। बुजुर्ग बीमार मां को घर में रखने तक को बेटे तैयार नहीं हैं। रशीदन ने बताया कि उसके तीन बेटे महताब, लियाकत, शौकत और दो बेटी हैं।
दोनों बेटियों की शादी हो चुकी हैं, जबकि एक बेटे की मृत्यु हो गई है। अभी तक वह छोटे बेटे शौकत के साथ गाजियाबाद में रह रही थीं। अब बेटे ने घर से निकाल दिया है। उसके बाद वह पिलखुवा में दूसरे बेटे के पास पहुंची, तो उसने भी दुत्कार दिया।
उसने मां को घर में घुसने तक नहीं दिया। रशीदन के हिस्से में आए मकान को भी बेटे ने बेच दिया। अब विधवा मोहल्ला छीपीबाड़ा में फुटपाथ पर रात काटने को मजबूर है। वह दिन में इधर उधर घूमती है और रात में फुटपाथ पर रहकर रात काटती है।
मोहल्ले के लोग ही उसके खाने का इंतजाम कर रहे हैं। कोतवाल अजय अग्रवाल ने बताया कि अभी तक महिला ने कोतवाली में संपर्क नहीं किया है। मामले की जानकारी कराएंगे और उनकी हरसंभव मदद करेंगे।