अस्पताल में भर्ती बिजली कर्मचारी। संवाद
हापुड़। नगर पालिका के कूड़े के पहाड़ में लगी आग से रामपुर रोड बिजलीघर में जहरीला धुआं भर गया। इस वजह से एसएसओ की हालत बिगड़ गई। अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऑक्सीजन स्तर गड़बड़ाने से उनकी जान खतरे में पड़ गई। कूड़े की बदबू से परेशान एसएसओ इस बिजली घर से कहीं और स्थानांतरण की पहले से मांग कर रहे हैं।
दरअसल, जिला बनने के बाद से नगर पालिका शहर में कूड़ा निस्तारण का स्थाई सेंटर नहीं बना पायी है। इस कारण रामपुर रोड पर लाखों टन कूड़ा अब पहाड़ का रूप ले रहा है। अमर उजाला ने गर्मियों के चलते इस कूड़े के ढेर में आग लगने की आशंका पहले ही जताई थी। तापमान बढ़ते ही कूड़े का पहाड़ बुधवार को धधक उठा।
यह कूड़ा रामपुर रोड बिजलीघर के बाहर है। कूड़े में आग लगने पर उससे निकला जहरीला धुआं बिजलीघर में भर गया। धुआं भरने से यहां तैनात एसएसओ कैलाश की हालत खराब हो गई। सांस लेने में समस्या के चलते उनके साथी कर्मचारियों ने अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां उनके ऑक्सीजन स्तर में काफी उतार-चढ़ाव हो रहा था। उनका इलाज गढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। बिजली घर के ही कर्मचारी दीपक ने बताया कैलाश की हालात अभी ठीक नहीं है। फेफड़ों के संक्रमण के चलते उसे सांस लेने में अधिक समस्या हो रही है।
धुएं की वजह से अन्य कर्मचारियों को भी बिजलीघर में रुक पाना मुश्किल हो रहा है। उपभोक्ता दुर्गंध और जहरीली गैसों क चलते यहां आने से कतरा रहे हैं। जिस तरह आग लग रही है, उसमें बिजलीघर को भी क्षति पहुंच सकती है। इस बिजलीघर से शहरी क्षेत्र के दर्जनों मोहल्लों को आपूर्ति होती है। गर्मियों में यदि बिजलीघर में परेशानी आयी तो व्यवस्था संभाल पाना मुश्किल हो जाएगा।
दो कर्मचारियों की पहले हो चुकी है मौत :
रामपुर रोड बिजली घर पर फेफड़ों में संक्रमण के चलते ही दो एसएसओ कि पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद से विद्युत कर्मचारी इस बिजली घर पर नियुक्ति पाने से बचते हैं। एक दशक में अब पहली बार निगम के अधिकारियों ने इस जटिल समस्या का संज्ञान लिया है। डीएम ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अब समस्या के निस्तारण के सख्त निर्देश दिए हैं।