हापुड़। ऊर्जा निगम ने जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू कर दी है। पहले चरण में सरकारी कार्यालयों पर स्मार्ट मीटर लगेंगे। इसके साथ ही 1912 पर आने वाली शिकायत, आरडीएफ की बिलिंग वाले कनेक्शन पर भी प्राथमिकता से मीटरों को लगाया जाएगा।
उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली और समय से बिल देने की कवायद को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए जिले को स्मार्ट मीटर आवंटित कर दिए गए हैं। बता दें कि सरकारी विभागों पर निगम का करोड़ों रुपये बकाया है। शुरूआत में इन्हीं विभागों के कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
जिन उपभोक्ताओं के कई महीने से मीटर फुंके हैं, उन्हें भी पहले चरण में शामिल किया गया है। इसके लिए 1912 पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं के बिल आरडीएफ के आ रहे हैं, उनके यहां भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि शुरूआत में इनसे प्रीपेड बिलिंग नहीं होगी। बल्कि सामान्य बिल ही बनकर आएंगे। जिनका भुगतान उपभोक्ताओं को महीने में करना होगा। ट्रायल के तौर पर पहले से ही फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
ऐसा होता है स्मार्ट मीटर-
स्मार्ट मीटर यह निर्धारित करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है कि आपने एक निश्चित समय सीमा के लिए कितनी बिजली का उपयोग किया है। स्मार्ट मीटर को उनके पारंपरिक संस्करण से अलग बनाने वाली बात यह है कि वे वायरलेस तरीके से बिजली की रीडिंग सप्लायर को भेजते हैं। बिलिंग के लिए कोई परेशानी नहीं होती।
कोट -
जिले में सरकारी कार्यालयों पर सबसे पहले स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही 1912 पर आने वाली शिकायत और आरडीएफ की बिलिंग वाले कनेक्शन पर भी स्मार्ट मीटर शुरूआत में ही लगेंगे।अवनीश कुमार, अधीक्षण अभियंता।