रामपुर रोड पर चल रहे बूचड़खाने को बंद कराने के लिये अब महापंचायत आयोजित की जाएगी। शनिवार को गांव में एक बैठक का आयोजन कर यह निर्णय लिया गया। इसके लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों लोगों को महापंचायत में लाने की तैयारी की जा रही है।
शहर के रामपुर रोड पर बूचड़खाने संचालित है। बूचड़खाने से निकलने वाली बदबू से जहां वातावरण दूषित हो रहा है, वहीं आसपास के गांवों का भूजल स्तर भी बेकार हो गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अनिल ढींगरा को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की थी। जिस पर डीएम ने एडीएम के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी।
शनिवार को गांव रामपुर में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसको संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य और पर्यावरणविद् कृष्णकांत सिंह हूण ने कहा कि राम, कृष्ण और बुद्ध की भूमि मानव के सहचर दुधारू पशुओं की कब्रगाह बन गई है।
उन्होंने कहा कि रामपुर रोड पर चल रही एक मीट फैक्ट्री पर्यावरण कानूनों व फूड सेफ्टी एंड स्टैंडरडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया विधेयक 2011 की अनदेखी कर रही है। जल्द ही बीस गांवों की महापंचायत आयोजित की जायेगी।
बैठक की अध्यक्षता जयभगवान शर्मा ने की। कुलदीप चौधरी, प्रधान तुमरैल, सतवीर कसाना, बालेश कसाना, सतीश त्यागी, अंकुश शर्मा, कल्लन शर्मा, बबली गुर्जर, मोहित त्यागी, शिव त्यागी, अजय, बबलू, अरूण भाटी आदि मौजूद रहे।