धौलाना(हापुड़)।
धौलाना थाना क्षेत्र के गांव लालपुर में बारिश के दौरान मकान की छत गिरने से कमरे में खेल रहीं छह बच्चियां मलबे में दब गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आनन फानन में मलबे से बच्चियों को निकाला, लेकिन तब चचेरी बहनों खुशी (9) पुत्री रहीसुद्दीन व माहिरा (3) पुत्री अलीमुद्दीन की मौत हो गई। जबकि चार अन्य बच्चियां घायल हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिनमें एक की हालत को गंभीर देखते हुए उसे मेरठ रेफर किया गया है। सूचना पर एसडीएम और सीओ पुलिस बल के साथ पहुंचे और मौके पर निरीक्षण किया। परिवार को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया गया है।
गांव लालपुर में निवासी तीन भाईयों अलाउद्दीन, रहीसुद्दीन व यूनुस का परिवार करीब 35 साल पुराने मकान में रहता है। मकान काफी जर्जर हो चुका है। तीनों भाई मजदूरी और गांव गांव फेरी लगाने का काम करते हैं। पुलिस के अनुसार मजदूरी करने वाले तीन भाईयों के परिवार के 14 सदस्य करीब १00 गज के जर्जर मकान में रहते हैं।
रविवार दोपहर में हल्की बारिश शुरू हो गई। इस दौरान तीनों भाई काम पर बाहर गए हुए थे। जबकि उनकी पत्नी मकान में अंदर के हिस्से में थी। इस दौरान छह बच्चियां मकान कें बाहर की ओर स्थित बैठक नुमा कमरे में खेल रही थीं। तभी कमरे की छत भरभराकर गिर गई, जिसमें सभी बच्चियां दब गई। तेज आवाज और बच्चों की चींख पुकार सुनकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ पहुंची और मलबे को हटाया। लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। जबकि चार अन्य घायल हो गई। बच्चियों को परिजन चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घायल बच्चियों मुस्कान (१5), रुखसाना (१7) पुत्री यूनुस, माहीन(7) व आफिया(५) पुत्री रहीमुद्दीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिनमें से मुस्कान की हालत को गंभीर देखते हुए उसे मेरठ रेफर किया गया है।
सूचना पर एसडीएम संतोष कुमार उपाध्याय, सीओ वरुण कुमार मिश्रा, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार बिष्ट मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने जानकारी लेेते हुए जर्जर मकान का जायजा लिया। इस दौरान मकान की मरम्मत के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने की मुआवजे की घोषणा
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मृतक बच्चियों के परिजनों को मुआवजे की मांग की। जिसके बाद एसडीएम ने ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं के आधार पर दोनों परिवारों को चार चार लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की। पहले परिजन बच्चियों के शव के पोस्टमार्टम कराए जाने से इन्कार कर रहे थे, लेकिन बाद में दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
तीन कमरों के 35 साल पुराने में रह रहा था परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। तीनों भाई के इस मकान में दो कमरें अंदर व एक बैठक नुमा कमरा बाहर की ओर है। इसके अलावा एक गैलरी है। इस मकान की छत लकड़ी की कड़ी पर कच्ची थी और मकान में जगह-जगह दरारें आ गई थीं लेकिन, परिवार के लोग खतरे को नहीं भांप सके।