गढ़मुक्तेश्वर। हादसे के शिकार हुए दोस्तों की नियति में मौत लिखी थी। सभी ने सोमवार सुबह घूमने का प्लान तैयार किया था। इसके बाद सचिन ने जरूरी काम आ जाने की वजह से मना किया तो दोपहर में सभी ने जाने का प्लान रद कर दिया था। इसके बाद अचानक फिर तैयारी की और रात नौ निकल पड़े।
गढ़ कोतवाली पहुंचे मृतकों के दोस्त धर्मेंंद्र सिंह ने बताया कि सभी दोस्त उसे भी ले जाना चाहते थे। जरूरी काम की वजह से वह नहीं गया। दोपहर में जाने का कार्यक्रम रद करने के बाद शाम को अचानक सभी ने फिर से कार्यक्रम बना लिया। वह नहीं गया लेकिन उसकी कार लेकर रात नौ बजे सभी दोस्त निकल गए। धर्मेंद्र ने बताया कि अनूप समेत सभी दोस्तों ने उसको भी साथ चलने के लिए कहा था। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रात करीब 12:40 बजे उसके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए हादसे की जानकारी दी तो उसने मजाक समझकर फोन काट दिया। उसके बाद कोतवाली प्रभारी ने उसे फोन किया तो मामले का पता चला। (संवाद)
कई घंटे तक परिजनों से नहीं हो सका कोई संपर्क
सड़क हादसे में छह लोगों की मौत के बाद पुलिस ने धर्मेंद्र के अलावा मृतकों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन किसी के परिजन ने फोन रिसीव नहीं किया। पुलिस की सूचना देने के बाद ही धर्मेंद्र ने अनूप के परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद लोग वहां से गढ़ के लिए रवाना हुए।
पंचनामा भरने के लिए एक साथ लगे छह एसआई
हादसे के बाद मृतकों के परिजन कोतवाली पहुंच गए। पंचनामा भरने के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय ने एक साथ छह एसआई को लगाया। करीब डेढ़ घंटे में पंचनामा की कार्रवाई की गई, जिसके बाद परिजन दस्तावेजों को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।