हापुड़। जिले में एसआईआर अभियान के फाॅर्म जमा और डिजिटाइजेशन का अंतिम चरण चल रहा है, लेकिन मतदाताओं की उदासीनता का खामियाजा बीएलओ को उठाना पड़ रहा है। लगभग हर बूथ पर 40 से 50 निर्वाचक ऐसे शेष बचे हैं, जिन्होंने वितरण के समय फाॅर्म तो ले लिए, लेकिन इन्हें भरकर जमा नहीं किया है। बीएलओ उनके घर-घर जाकर और फोन के जरिए संपर्क कर फॉर्म जमा करने की अपील कर रहे है।
अभियान के तहत ऑनलाइन हुए फाॅर्मों में 2003 की सूची का मिलान और संकलन अब बीएलओ के लिए चुनौती बना हुआ है। 11 दिसंबर तक फाॅर्म जमा करने और डिजिटाइजेशन का अंतिम दिन है। ऐसे में बीएलओ भी अपने-अपने क्षेत्र में 100 प्रतिशत कार्य पूरा करने में जुटे हैं। दरअसल, मतदाताओं के सापेक्ष बीएलओ को कुछ फाॅर्म और कई मतदाता नहीं मिल रहे हैं। हालांकि, इसके लिए अब राजनीतिक दलों के बीएलए और मोहल्लेवासियों का सहारा लिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में फाॅर्म नहीं मिल रहे हैं। इसमें मुश्किल यह आ रही है कि श्रमिक और कम पढे-लिखे लोग जो सुबह के समय अपने काम पर चले जाते हैं। अधिकतर उनके फार्म ही जमा नहीं हुए हैं। इस कारण बीएलओ को कार्य पूरा करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कई मतदाताओं ने फाॅर्म में अपूर्ण जानकारी भरी है। बीएलओ इन फाॅर्मों को स्वयं पूरा करा रहे हैं। शुक्रवार की बात करें तो जिले में अभी तक 78 प्रतिशत से अधिक डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है।
एडीएम संदीप कुमार का कहना है कि ड्यूटी पर कार्यरत सभी बीएलओ प्रतिदिन क्षेत्रों में जाकर फाॅर्म जमा करा रहे हैं। साथ ही इनका डिजिटाइजेशन हो रहा है। जिन लोगों ने अभी फाॅर्म जमा नहीं किए हैं, वह तय समय सीमा से पहले फार्म जमा जरूर करा दें।
घर-घर जाकर किया संपर्क
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मोहल्ला चाहशोर के बीएलओ जयप्रकाश ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार वह तीन बार घर-घर जा चुके हैं। इसके बाद भी करीब 40 निर्वाचक ऐसे हैं, जिनके फार्म बार-बार कहने पर भी नहीं मिले हैं। इसमें बीएलओ की तो अब कोई गलती नहीं है।
13 घंटे से अधिक की कर रहे ड्यूटी
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मोहल्ला चाहकमाल के बीएलओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस समय 13 घंटे से अधिक की ड्यूटी एसआईआर के कार्य में कर रहे हैं। हर दिन मोहल्ले में जाकर लोगों से फाॅर्म भरवाए जा रहे हैं। कुछ लोग बेवजह फार्म लेकर बैठे हुए हैं। मांगने पर भी फार्म वापस नहीं दिया है।
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