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Hapur News: दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी पर एसआईबी का छापा, आईटीसी में मिला 58 लाख का अंतर

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दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी।   - फोटो : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। अनुदानित उर्वरकों की दूसरे जिलों, प्रदेशों में बिक्री के आरोपों में घिरी हापुड़ की गढ़ रोड स्थित दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी पर मंगलवार को जीएसटी (एसआईबी) की टीम ने छापा मारा। शुरुआती जांच में आईटीसी में 58 लाख रुपये का अंतर मिला है। किसानों के नाम पर बिक्री किए गए उर्वरकों का मिलान टीम द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के गाजियाबाद स्थित एक गोदाम में भी देर रात तक छापे की कार्रवाई जारी थी।
पिछले दिनों जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने उक्त कंपनी पर कार्रवाई की थी। इसमें कंपनी के उर्वरक संबंधी लाइसेंस बर्खास्त कर दिए गए थे। साथ ही कीटनाशक की खरीद फरोख्त को लेकर भी सवाल उठे थे। कीटनाशक संबंधी लाइसेंस भी निलंबित किया गया था। उस समय डीएम अभिषेक पांडेय ने मामले का संज्ञान लेकर एक टीम गठित की थी।
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इसमें जीएसटी, सहकारिता, उद्यान विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था। मंगलवार को इस प्रकरण में जीएसटी एसआईबी उपायुक्त विमल कुमार दूबे के नेतृत्व में सीटीओ अनुज रॉय, सतीश तिवारी, भानू प्रताप और अरविंद शर्मा ने गढ़ रोड स्थित रेलवे लाइन के पास दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारा।

एसआईबी के संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह ने बताया कि फर्म राज्य कर विभाग के खंड दो में पंजीकृत हैं और पेस्टेसाइट, उर्वरकों की खरीद फरोख्त का व्यापार करती हैं। पिछले दिनों फर्म पर सब्सिडी का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था। एसआईबी टीम ने फर्म द्वारा जिले में किसानों की दी गई सप्लाई, डीलरों को दी गई सप्लाई और जिले से बाहर किसानों को दी गई सप्लाई की जांच की। जांच के दौरान आईटीसी में 58 लाख रुपये का अंतर पाया गया। इस संबंध में फर्म स्वामी से जानकारी जुटाई जा रही है।

गढ़ रोड स्थित व्यापार स्थल के साथ गाजियाबाद के मेरठ रोड स्थित गोदाम पर भी एसआईबी टीम द्वारा जांच की गई है। यहां एसआईबी सीटीओ रियाजुद्दीन अंसारी व विनोद कुमार द्वारा गोदाम पर जांच की।
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संयुक्त आयुक्त जीएसटी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के संबंध में जो शिकायत मिली थी उसे लेकर मंगलवार को जांच कराई गई है। फिलहाल आईटीसी में करीब 58 लाख का अंतर पाया गया है। स्टॉक की जांच कराई जा रही है, जिन किसानों के नाम पर उर्वरक बेचे गए हैं। उसकी भी जांच हो रही है।
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