हापुड़। जिले में नकली कीटनाशक व उर्वरकों की खपत रोकने के लिए कृषि विभाग की टीम ने मेरठ रोड पर छापा मारा। इस दौरान दो दुकानों में भारी मात्रा में कीटनाशक मिले। बिल मांगने पर दुकानदार दस्तावेज नहीं दिखा सके। ऐसे में जिला कृषि अधिकारी ने 18 कीटनाशक व उर्वरकों के सैंपल एकत्र कर, जांच के लिए लैब भेजे हैं।
दरअसल, जिले में नकली उर्वरक व कीटनाशकों का गोरखधंधा सालों से चल रहा है। जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश के नेतृत्व में छह से अधिक एफआईआर माफियाओं पर कराई गई हैं। हापुड़ और मेरठ की सीमा पर बसे धीरखेड़ा में इस तरह के उत्पाद तैयार किए जाने का अंदेशा सबसे अधिक है।
इसी को देखते हुए कृषि अधिकारी ने टीम के साथ मेरठ रोड पर छापा मारा। यहां दो दुकानों पर भारी मात्रा में कीटनाशक और उर्वरक भरे थे। कई नामचीन कंपनी के कीटनाशकों की गुणवत्ता पर शक हुआ तो कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बिल मांगे लेकिन कोई दुकानदार बिल नहीं दिखा सका। यह पता लगाया जा रहा है कि इन दुकानदारों को कीटनाशक व उर्वरकों की सप्लाई कहां से हो रही है। दोनों दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिया गया है।
-धनौरा के पास स्थित दुकान से एक्सपायरी दवा दी-
दोयमी धनौरा रोड स्थित एक कीटनाशक की दुकान से एक्सपायरी दवा देने का आरोप है। स्थानीय निवासी किसान सत्यवीर ने बताया कि फसलों में रोग लगा था। दुकानदार को बताया तो उसने कीटनाशक दे दी, पूरे पैसे लेने के बावजूद एक्सपायरी दवा दे दी। इस मामले में पीड़ित किसान ने शिकायत करने की बात कही है।
कोट
दो दुकानों से कीटनाशक, उर्वरकों के 18 सैंपल लिए हैं। दुकानदार बिल नहीं दिखा सके हैं, ऐसे में संभावना है कि गलत तरीके से इन दवाओं की सप्लाई हो रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई होगी।गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी।