शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर प्राचीन सबली मंदिर व गढ़मुक्तेश्वर सहित जिले के अनेक शिवालयों में हजारों शिवभक्त भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़िए शुक्रवार रात 09.45 बजे से जलाभिषेक करेंगे, जबकि आम श्रद्धालु सुबह चार बजे से जलाभिषेक करेंगे।
बृहस्पतिवार को मंदिरों में जलाभिषेक की तैयारियों को लेकर अंतिम रूप दिया गया और मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। नगर की सड़कों पर हर-हर महादेव, बम-बम भोले के उद्घोषों के साथ वातावरण भक्तिमय रहा।
जिले के तमाम शिवायलय और खासकर गांव सबली स्थित प्राचीन शिव मंदिर व छपकौली मंदिर में शिवभक्त कांवड़ लाकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। मान्यता है कि शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भोलेनाथ भक्तों के समस्त दुख दर्द दूर कर देते हैं।
अनेक श्रद्धालु उपवास भी रखकर भगवान को प्रसन्न करते हैं। सबली मंदिर के पुजारी पंडित मुनेश शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार रात 09.45 बजे से कांवड़िए जलाभिषेक करेंगे।
जबकि सुबह चार बजे से ही अन्य शिवभक्त भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर सकेंगे। मंदिर में बृहस्पतिवार पूरी रात कीर्तन होगा। शुक्रवार को 11 बजे से भंडारा होगा।
ज्योतिषाचार्य संतोष त्रिपाठी, भद्रकाली मंदिर के पुजारी रमाशंकर तिवारी और पंडित गोविंद शर्मा शास्त्री ने बताया कि सबसे पहले शिवालय में जाकर गणेश, नंदी, कार्तिकेय, मां पार्वती व शंकर जी को क्रम पूर्वक जल चढ़ाएं।
उसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से स्नान कराएं। उसके पश्चात शुद्ध जल चढ़ाकर वस्त्र, जनेऊ चढ़ाकर चंदन, अक्षत, फूल, बिल्वपत्र, भांग, धतूरा, ईत्र आदि चढ़ाए। दीपक से आरती करके खीर, बेर, बेल, फल, पान का भोग लगाएं।
जिले के विभिन्न शहरों और गांवों से हरिद्वार से जल लेने गए कांवड़ियों के लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। जो विभिन्न मंदिरों और शिविरों में रुके हुए हैं। डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। सभी मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्रों में तैनात रहेंगे।
पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ सबली मंदिर में कावंड़ियों के लिए एंबुलेंस और चिकित्सकों का दल मौजूद रहेगा। ताकि शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की कोई परेशान न हो। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि सभी तैयारी कर ली गई हैं।
हरिद्वार से कांवड़ ला रहे शिवभक्तों की वापसी और ब्रजघाट से कांवड़ उठाने के लिए कांवड़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। हर-हर महादेव की गूंज से हाईवे शिवमय हो गया है। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे बुलंदशहर तथा अलीगढ़ के अधिकांश जत्थे गढ़-ब्रजघाट से होकर अपने गंतव्य स्थलों को लौट रहे हैं।
वहीं क्षेत्र से कांवड़ लेने गए शिवभक्तों की वापसी का क्रम भी जारी है। इसके अलावा दिल्ली और हरियाणा समेत वेस्टर्न यूपी के विभिन्न जनपदों से ब्रजघाट कांवड़ लेने आ रहे शिवभक्तों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है।
वहीं, सीओ सतीश चंद्र पांडेय और आरपी दूबे ने बताया कि मुक्तेश्वरा महादेव नक्का कुआं मंदिर, कल्याणेश्वर मंदिर कल्याणपुर और शिव मंदिर दत्तिया की प्रबंध समितियों को मंदिरों पर बैरिकेडिंग कराने के साथ ही शिवभक्तों से जुड़ीं सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए जाने की हिदायत दी गई है।