समायोजन से वंचित रहे शिक्षामित्रों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। इनकी परेशानी का आलम यह है कि शिक्षामित्र चार माह से वेतन को तरस रहे हैं।
हालांकि बीएसए ने राहत का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों ने बताया कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। 37 हजार शिक्षामित्रों का तो समायोजन कर वेतन भी 30 हजार रुपये तक दिया जा रहा है।
जबकि उन्हें महज 3500 रुपये मिलते हैं। इस महंगाई के दौर में अल्प वेतन के लिए भी उन्हें चार माह तक का इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते उन्हें घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। बता दें कि जिले में करीब 310 शिक्षामित्र समायोजन से वंचित रह गए हैं।
इस मांग को लेकर शिक्षामित्रों ने सोमवार को सीएम के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। हालांकि, बीएसए देवेंद्र गुप्ता ने जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया है।
इच्छा मृत्यु मांगने वालों में संजीव कुमार, धर्मेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, प्रवेश कुमारी, मौहम्मद फैसल, गुलिस्ता खातून, इस्माईल, सीमा रानी, अरूणा, संजय कुमार, पूनम त्यागी, रीता रानी, सीमा, संजय सिंह, आबिद अली, पूनम शर्मा, रूबी, रीनू रानी, बुशरा परवीन आदि मौजूद रहे।