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Hapur News: स्टाइपेंड विवाद में सरस्वती अस्पताल ने 10 इंटर्न किए निलंबित, हंगामा

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पिलखुवा। हाईवे 09 स्थित सरस्वती अस्पताल में स्टाइपेंड को लेकर चल रहा विवाद तूल पकड़ रहा है। वर्ष 2021 बैच के 150 में से 10 इंटर्न को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। इंटर्न का दावा है स्टाइपेंड की मांग के अलावा उन्होंने चिकित्सा संबंधी सभी कार्यों में पूरा सहयोग दिया है।
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सोमवार को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, प्रशासन ने 12 सितंबर को इंटर्न के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके स्टाइपेंड बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रतिमाह करने की पेशकश की थी। आदेश में इसे एनसीआर के किसी निजी कॉलेज की ओर से इंटर्न को दिया जाने वाला सबसे अधिक स्टाइपेंड बताया गया है। इसके बावजूद हड़ताल जारी रखने और ओपीडी गेट, आयुष्मान सेल तथा ओपीडी बिलिंग काउंटर बंद कर मरीजों की देखभाल में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन ने निलंबित इंटर्न पर अन्य लोगों को उकसाने और ओपीडी तथा कॉलेज का मुख्य गेट बंद कराने में प्रमुख भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया है।
आदेश में इसे गंभीर अनुशासनहीनता और हिंसक आचरण बताते हुए सभी क्लीनिकल, शैक्षणिक और संस्थागत दायित्वों से निलंबित करने तथा तत्काल छात्रावास खाली करने के निर्देश दिए हैं। इंटर्न के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। स्टाइपेंड विवाद से जुड़े प्रदर्शन, भूख हड़ताल और मरीजों से धक्का-मुक्की के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
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इस मामले में हुए हंगामे के बाद एडीएम संदीप कुमार और सीओ मुनीष चंद्र मौके पर पहुंचे और जांच की। सीओ ने बताया कि इस संबंध में दोनों पक्षों से बात की जा रही है। सरस्वती मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी दीपक शर्मा ने बताया कि कॉलेज में शाम के समय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहुंचे थे। दोनों पक्षों से बात करने के बाद उन्होंने इंटर्न को समझाया था। भूख हड़ताल पर बैठे इंटर्न को जूस भी पिलाया गया। अब कोई विवाद नहीं है।
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