आषाढ़ माह की शनि अमावस्या पर पुण्य अर्जित करने के उद्देश्य से आसपास के राज्यों समेत वैस्टर्न यूपी के जनपदों से शुक्रवार दोपहर से ही ब्रजघाट तीर्थनगरी में गंगा भक्तों का आवागमन प्रारंभ हो गया है।
लंबी अवधि बीतने के बाद इस बार आषाढ़ माह की अमावस्या शनिवार को होगी। शनि अमावस्या पर मोक्ष दायिनी गंगा मैया में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना और गरीब-निराश्रितों को दान करने का विशेष महत्व माना जाता है।
इसके चलते गंगा मैया में आस्था की डुबकी लगाने के उद्देश्य से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित वेस्ट यूपी के जिलों के भक्तों का शुक्रवार दोपहर गंगा नगरी में आगमन प्रारंभ हो गया है।
इससे तीर्थ नगरी में चहल पहल बढ़ने के साथ ही वहां की धर्मशालाओं, मंदिरों और आश्रमों में भारी भीड़ उमड़ी रही। इससे धर्म स्थलों में जगह न मिलने पर देर रात में आने वाले गंगा भक्तों को पक्के बांध और आरती प्लेटफार्म समेत इधर उधर रात बिताने को मजबूर होना पड़ा।
प्राचीन पंचायती मंदिर के पुजारी पंडित सुरेंद्र प्रसाद शर्मा और काली मंदिर के पुजारी पंडित रमाशंकर तिवारी ने बताया कि शनि अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने वालों को पापों से मुक्ति और मनोवांछित फल प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता प्रचलित है।
इसमें दान, स्नान और सद्कर्मों का कई सौ गुना लाभ मिलता है। पंडित रमाशंकर तिवारी ने बताया कि प्रात:काल चार बजे ब्रह्मकाल में प्रारंभ होने वाला गंगा स्नान पर्व सूर्यास्त होने तक निरंतर चलेगा।
सीओ सतीश चंद्र पांडेय का कहना है कि जाम से निपटने को अवैध कट बंद कराए जा रहे हैं, जबकि गंगा पुल समेत हाईवे किनारे वाहन भी खड़े नहीं होने दिए जाएंगे।
पालिका चेयरमैन संगीता पुरुषोत्तम और ईओ पूर्णिमा सिंह का कहना है कि डूबने से होने वाली अनहोनी घटनाओं की रोकथाम के लिए गंगा किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है, साथ ही गोताखोर भी तैनात किए गए हैं।
धार्मिक मेलों समेत पूर्णिमा और अमावस्या जैसे पर्वों पर लाखों गंगा भक्तों की भीड़ का ब्रजघाट तीर्थनगरी में आवागमन होता है। इससे इस दौरान नेशनल हाईवे पर जाम लगने की संभावना कहीं अधिक हो जाती है। इसलिए हाईवे पर जाम की स्थिति उत्पन्न होने की दशा में बुलंदशहर की तरफ आने जाने वाले श्रद्घालु ब्रजघाट वाया पलवाड़ा,
दिल्ली और मेरठ की तरफ आने जाने वाले भक्त गांव अल्लाबख्शपुर के सामने से गढ़ के महामाई रोड और मीरा रेती रोड से होकर निकल सकते हैं। वहीं ब्रजघाट को आने जाने के लिए गंगा भक्त गांव अल्लाबख्शपुर के रास्ते से होकर वाया बागड़पुर से निकल सकते हैं।