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Hapur News: जूस, तेल और दूध में मिलावट, 13.85 लाख का लगाया जुर्माना

Fri, 06 Jun 2025 10:28 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। जिले में जगह-जगह मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों के विरुद्ध एडीएम न्यायालय ने जुर्माने की कार्रवाई की है। जूस, सरसों का तेल और दूध आदि के नमूने अद्योमानक, मिथ्याछाप मिलने पर 13.85 लाख का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
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त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने छापा मारकर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद जुर्माने की कार्रवाई हुई है।

एडीएम संदीप कुमार ने नौ मामलों में सुनवाई करते हुए जुर्माने की कार्रवाई की है, इसमें बुलंदशहर रोड निवासी पुनीत कुमार के यहां से लिया गया दूध का नमूना अद्योमानक मिलने पर 20 हजार, सराफा बाजार में संजीव कुमार के यहां से राजभोग का नमूना मिथ्याछाप मिलने पर 50 हजार, धौलाना में आदर्शनगर कॉलोनी निवासी अनवर के यहां से अनार का जूस का नमूना अद्योमानक मिलने पर 25 हजार, हरोड़ा मोड़ निवासी सलीम के यहां से सरसों का तेल अद्योमानक मिलने पर 25 हजार, गांव नवादा निवासी सुनील के यहां का मिश्रित दूध का नमूना अद्योमानक मिलने पर 20 हजार, शेखपुर खिचरा निवासी शाहिद के यहां से लिए गए कुट्टू के आटे में वाह्य पदार्थ, क्वालिटी खराब होने पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
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मांस की दुकानों में मिली अव्यवस्थाएं

गांव बदरखा निवासी इकरार की मांस की दुकान का पंजीकरण था, लेकिन लाइसेंस सही नहीं था। यहां तक कि दुकान में व्यवस्थाएं खराब थीं। चाकू आदि पर जंग लगी थी। इससे लोग गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। इस लापरवाही पर इकरार पर दो लाख का जुर्माना लगाया गया। वहीं, गांव वैठ में इकबाल की मांस की दुकान बिना लाइसेंस और आलीशान की दुकान भी बिना लाइसेंस संचालित होने पर पांच-पांच लाख का जुर्माना लगाया गया।



पहले भी 24 नमूनों की रिपोर्ट में मिली थी गड़बड़ी

जनवरी में जारी हुई रिपोर्ट में भी दूध, दही, छाछ, पनीर, सरसों का तेल और मसालों के लिए नमूनों की रिपोर्ट अद्योमानक मिली थी। 24 नमूनों की जांच रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद जुर्माने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद भी खाद्य पदार्थ का अद्योमानक, मिथ्याछाप आदि मिल रहे हैं।


कोट -

विभाग द्वारा प्रतिमाह नमूने लिए जाते हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले की सुनवाई संबंधित न्यायालय में होती है। न्यायालय स्तर से ही जुर्माना लगाया जाता है। - महेंद्र श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग
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