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Hapur News: बसपा के कोर वोट में साइकिल ने लगाई सेंध

Fri, 26 Apr 2024 11:42 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। बसपा का कोर वोटर कहे जाने वाले जाटव समाज ने का रुख भी इस बार बदला रहा। समाजवादी पार्टी से सजातीय प्रत्याशी होने की वजह से साइकिल ने जाटव वोटों में खूब सेंधमारी की। कुछ वोट भाजपा की तरफ भी गया। एकमुश्त मिलने वाले वोट के बिखरने से बसपा को नुकसान हो सकता है। हालांकि बसपा ने त्यागी वोटों में सेंधमारी करके इसकी भरपाई की कोशिश की है।
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बसपा ने इस बार मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर त्यागी कार्ड खेला था। उम्मीद थी कि दलितों के साथ त्यागी समाज के वोट मिलने से बसपा की स्थिति मजबूत होगी। उम्मीद थी कि दलितों के साथ त्यागी समाज के वोट मिलने से बसपा की स्थिति मजबूत होगी। हालांकि अनुसूचित जाति बाहुल्य इलाकों में जहां पहले बसपा के झंडे खूब लहरा रहे थे, शुक्रवार को मतदान के दौरान यह तस्वीर बदली नजर आई। नवीन मंडी में मतदान करने पहुंचे दलित समाज के अनिल कुमार, अतर सिंह, जगदीश प्रसाद, राजवीर सिंह, श्यामलाल ने बातचीत में बताया कि पहले बसपा को वोट देते आए हैं, लेकिन इस बार गठबंधन को वोट दिया है। मतदान हमारा स्वतंत्र अधिकार है, जिसे हमने चुना है। एसएसवी इंटर कॉलेज में मतदान करने पहुंचे शिवकुमार, सतीश, अनिल, रोहताश ने बताया कि इस बार गठबंधन को वोट दिया है। संजीव कुमार ने बताया कि बसपा के आला पदाधिकारी वोटरों को नहीं साध पाए, जिसका असर मतदान के बाद दिखाई देगा।
दलित समाज से आने वाले हापुड़ के दो जनप्रतिनिधियों की साख भी इस चुनाव में दांव पर लगी थी। भाजपा के सदर विधायक विजयपाल आढ़ती दलित समाज से आते हैं, लेकिन दलितों का कितना वोट भाजपा को पड़ा यह आने वाला समय बताएगा। मतदान स्थलों पर जैसी स्थिति रही वह भाजपा के लिए संतोषजनक नहीं थी। आर्य कन्या पाठशाला पर वोट डालने आए सुमित गुप्ता का कहना था कि भाजपा बाहुल्य इन बूथों का सूना रहना भाजपा के लिए चिंता का सबब होना चाहिए। इसके अलावा बसपा से हाल ही में नगर पालिका की चेयरमैन चुनी गईं पुष्पा देवी के वार्ड में भी बसपा को मिले वोटों की स्थिति देखना दिलचस्प रहेगा।
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ये हैं दलित बाहुल्य मोहल्ले

नवीन मंडी, अंबेडकर नगर, सोटावाली, अनुज विहार, भीमनगर, न्यू भीमनगर, सुभाषनगर, शिवनगर, कवि नगर, लक्ष्मणपुरा, नवी करीम, कासिमपुरा, इंद्रगढ़ी, कन्हैयापुरा, हरजसपुरा, लज्जापुरी, आदर्शनगर कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, चंद्रलोक कॉलोनी, शंभुपुरा, मोदीनगर रोड, जसरूपनगर, गणेशपुरा।



बसपा जनप्रतिनिधियों की दूरी से खिसका वोट बैंक

हापुड़ को दलितों का गढ़ माना जाता है, हर चुनाव में इनके वोट निर्णायक होते हैं। इस बार यहां बसपा का कोई बड़ा नेता नहीं आया। बसपा सुप्रीमो ने भी मेरठ में जनसभा की। ऐसे में दूसरा गुट आसानी से वोटों में सेंधमारी कर गया। इसमें दो अप्रैल के मामले को भी गठबंधन ने भुनाया। दरअसल, दो अप्रैल 2018 में भारत बंद के दौरान हुए उपद्रव में दलित समाज पर मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसकी लड़ाई समाज आज तक लड़ रहा है। गठबंधन ने इस मामले को गंभीरता से उठाया था।
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