समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव द्वारा अलग पार्टी बनाने पर अधिकांश सपाइयों ने इस निर्णय को गलत बताया है। सपाइयों का साफ कहना है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थक हैं।
सपा के जिलाध्यक्ष सुबोध नागर का कहना है कि समाजवादी पार्टी का आज की तरीख में मतलब अखिलेश यादव है। जिनके वह सिपाही हैं। हमेशा उनके लिए संघर्ष करेंगे।
शिवपाल यादव बेशक उनके चाचा हैं लेकिन उन्हें पार्टी और परिवार को बर्बाद करने का प्रयास जैसा कदम नहीं उठाना चाहिए था। लगता है उन्होंने भाजपा की गोद में जाने के लिए यह पार्टी बनाई है।
समाजवादी युवजन सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य संजय गर्ग ने कहा है कि वह लोग अखिलेश यादव के साथ हैं तथा आगे भी उन्हीं के साथ रहेंगे। शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी अलग बनाकर अपना राजनीतिक जीवन गर्त में धकेल लिया है।
सपा के वरिष्ठ नेता अनिल आजाद ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम की शिवपाल यादव ने कोई पार्टी बनायी है। अगर ऐसा हुआ है तो दुर्भाग्यपूर्ण है। सपा के प्रवक्ता रहे पंडित राजेश शर्मा का कहना है कि वह तो मुलायम सिंह यादव के सिपाही हैं।
जैसा नेताजी का आदेश मिलेगा,वैसा करेंगे। हालांकि शिवपाल यादव को अलग पार्टी नहीं बनानी चाहिए थी। इससे परिवार के वर्चस्व को नुकसान होगा।
सपा के वरिष्ठ नेता संजय यादव ने कहा कि अखिलेश यादव की सपा के इस समय एक मात्र स्तंभ हैं जिनको अधिकांश सपाइयों का समर्थन हैं। लगता है कि वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव को अपने बारे में कोई गलतफहमी हो गयी है जिस कारण उन्होंने पार्टी बनायी है।