ब्रजघाट। गंगानगरी के मछली-बंदर मठ में रहने वाले साधु हैमलाल उर्फ हैमदेव आश्रम (करीब 60 वर्ष) का शव सोमवार की सुबह आश्रम के कमरे में फंदे पर लटका मिला। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने लिखा है कि वह मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। वह पिछले 38 साल से तनाव में थे और उनकी मौत के लिए आश्रम का कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है।
सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि सोमवार को ब्रजघाट चौकी पुलिस को सूचना मिली कि आश्रम के कमरा नंबर 40 में साधु हैमलाल उर्फ हैमदेव का शव छत के पंखे से लटका हुआ है। सूचना के बाद पुलिस टीम मठ में पहुंची। पुलिस कर्मियों ने शव को उतरवाकर कब्जे में ले लिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर गहनता से जांच की।
हैमलाल के गुरु भाई प्रवेशदेव आश्रम ने बताया कि वे मूल रूप से नेपाल के निवासी थे। करीब 23 साल पहले वह आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने महंत रामदेव से दीक्षा ली थी और उनके शिष्य बनकर यहीं आश्रम में रहने लगे। उन्होंने अपना पूरा जीवन आश्रम को समर्पित कर दिया था।
सीओ ने बताया कि साधु के कपड़ों की जेब से मिले सुसाइड नोट की पड़ताल की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।