हापुड़। रामा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और पुलिस के बीच चल रही उठापटक के बीच गुरुवार को अस्पताल के सीएमएस चरनजीत सिंह आहलूवालिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को अहलूवालिया से ही पुलिस अधिकारियों का विवाद शुरू हुआ था, जो धीरे-धीरे तूल पकड़ गया।
बुधवार को बुजुर्ग महिला मरीज के पुत्र जावेद ने डायल-112 पर कॉल करके शिकायत की थी कि रामा मेडिकल कॉलेज में सही तरीके से इलाज नहीं हो रहा है। उसे केस समरी भी नहीं दी जा रही है। विरोध करने पर अस्पताल का स्टॉफ अभद्रता कर रहा है। इस पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि रामा मेडिकल कॉलेज के पदाधिकारियों और डॉक्टरों ने एक दारोगा के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की। इस सूचना के बाद एसपी अभिषेक वर्मा ने एडिशनल एसपी राजकुमार अग्रवाल को मौके पर भेजा। मामला इतना उछला की बात सीएम तक पहुंच गई। इसके बाद एसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी राजकुमार अग्रवाल के अलावा देर रात कोतवाली प्रभारी प्रभाकर को भी हटा दिया गया।
पूरे घटनाक्रम के बाद मामला ठंडा होता प्रतीत हो रहा था लेकिन बृहस्पतिवार दोपहर मेडिकल कालेज के सीएमएस चरनजीत सिंह आहलूवालिया के इस्तीफे की खबर आ गई। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी पुष्टि की है। इस्तीफे के बाद से अहलूवालिया का फोन बंद है। बताया जा रहा है कि सीएमएस सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। पूरे घटनाक्रम को लेकर उन पर भी काफी दबाव था।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से देर रात आया आधिकारिक बयान
बुधवार देर रात प्रबंधन की ओर से एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि चांदपुर निवासी मरीज जुबैदा 24 जून से अस्पताल में भर्ती है। उसका अच्छा इलाज किया गया। दो यूनिट खून और चार यूनिट प्लाज्मा और अन्य दवाएं बिल्कुल मुफ्त दी गई है। कुछ लोग झूठी खबर फैला रहे हैं कि उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। मरीज के अटेंडेंट के 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस अधिकारी अस्पताल आए। हमारे मेडिकल सुपरिटेंडेंट रिटायर्ड मेजर जनरल चरनजीत सिंह अहलूवालिया ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने विनम्रता से घटना पर चर्चा की और इसे सुलझाया।
सीओ पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार
मामले में सीओ पिलखुवा स्तुति सिंह पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी है। मामले की जांच मेरठ से की जा रही है। ऐसे में अगले फरमान को लेकर अधिकारियों की सांसें अटकी हैं।