अंबेडकर जयंती पर ब्रजघाट की गंगा में स्नान करने आए दिल्ली निवासी एक परिवार के सात सदस्य बहने लगे। जिन्हें मल्लाहों ने अथक प्रयास के बाद बचा लिया। शुक्रवार को तीर्थनगरी में एक बड़ी अनहोनी होेने से बच गई।
दिल्ली के वसंत विहार निवासी राजो देवी एक निजी स्कूल में टीचर हैं। वह अंबेडकर जयंती की छुट्टी पर शुक्रवार को परिवार के छह सदस्यों को लेकर ब्रजघाट में गंगा स्नान करने आईं। वह दोपहर तीन बजे नाव से गंगा के उस पार रेतीले टापू पर पहुंचे और स्नान करने लगे।
पानी की गहराई का अनुमान न लगने पर सभी सदस्य एक-दूसरे के हाथ पकड़कर गंगा में स्नान करने लगे। वह गहराई में चले गए और डूबने लगे। चिल्लाना सुनकर थोड़ी दूरी से नाव ले जा रहे गणेश, विनोद, छोटू वहां पहुंच गए।
उन्होंने गंगा में छलांग लगाकर राजो, उसकी बेटी विनीता, मंजू, बेटे दिनेश, बहू अनीता, धेवते पुनीत को बचा लिया। मल्लाहों ने प्राथमिक उपचार के बाद परिवार घर भेज दिया है।
मल्लाह राजमल, दीपचंद, गणेश ने बताया कि एक साल में गंगा में डूबने से महिला-बच्चों समेत 30 से अधिक की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है। एसडीएम आरएन पांडेय का कहना है कि ब्रजघाट बहुत जल्द प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए जाएंगे।