हापुड़। आनंद विहार के एफ ब्लॉक में 25 एकड़ भूमि में जिला न्यायालय बनना है। जमीन चिह्नित होने के बाद 122 करोड़ रुपये भी शासन से खरीद के लिए मिल चुके हैं, लेकिन स्टांप शुल्क के 1.20 करोड़ रुपये न मिलने से ढाई माह बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। जबकि, दिवाली से पहले इस धनराशि के मिलने की उम्मीद थी।
एचपीडीए की आनंद विहार योजना में जिला न्यायालय के निर्माण के लिए शासन अगस्त माह में ही अनुमति दे चुका है, जिसके लिए प्रशासन को एचपीडीए से जमीन की खरीद करनी होगी, लेकिन अभी तक स्टांप शुल्क की धनराशि न मिलने से दिक्कत बनी हुई है। जबकि, 25 एकड़ भूमि की खरीदने के लिए शासन ने 122.38 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था, लेकिन इतने समय के बाद भी मात्र पत्राचार चल रहा है। जिला प्रशासन आज तक भी हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण से जिला न्यायालय के लिए जमीन की खरीद नहीं कर सका है। ऐसे में जितनी देरी जमीन खरीद में होगी, उतना ही अधिक समय निर्माण की मंजूरी में भी लगेगा। अभी जिला प्रशासन के अधिकारी शासन से आने वाले अनुमति पत्र के मिलने की आस में हैं।
यह मिलेंगी सुविधाएं
मेडिकल एंड हेल्थ फेसिलिटी कल्चर सेंटर की इस भूमि पर जनपद न्यायालय के आवासीय एवं अनावसीय भवनों का निर्माण होना है। इस बहुमंजिला भवन में कोर्ट, जजों के चैंबर, मीटिंग हॉल, वीडियो कोर्ट, पार्किंग, कैंटीन, अधिवक्ताओं के चैंबर सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। जहां यह कचहरी बनेगी वहां से कलक्ट्रेट, विकास भवन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी लगभग एक किलोमीटर दूरी पर है। इससे अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को एक से दूसरे कार्यालय जाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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यह कहते हैं अधिकारी
शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज चुके हैं। जिलाधिकारी लगातार शासन में वार्ता कर रही हैं। पूरी कोशिश है कि जल्द ही धनराशि मिल जाए। - संदीप कुमार, एडीएम
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