संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं को गंभीरता से न लेने पर सीडीओ सख्त हो गए हैं। उन्होंने बैंक प्रबंधकों पर सख्त कार्रवाई के लिए आरबीआई की गाइडलाइन मांगी है। इसके लिए जिला अग्रणी बैंक अधिकारी से योजनाओं की जानकारी के अलावा गाइडलाइन की पूरी जानकारी मांगी है। जिससे लापरवाही और अनुशासनहीनता करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में जिला एक बार फिर पिछड़ रहा है। हर दिन शासन स्तर से इस योजना की समीक्षा कर रैंकिंग जारी हो रही है, जिसमें जिला एक बार फिर पिछड़कर 21वें स्थान पर पहुंच गया है। मंगलवार को जिला मुख्यालय के सभागार में सीडीओ ने बैंक प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की थी, उस बैठक में काम न करने पर बैंक प्रबंधकों को करीब एक घंटे तक बैठाकर रखा था। इसके बाद बुधवार को फिर से विकास भवन में बैठक हुई, जिसमें प्रथमा बैंक यूपी ग्रामीण बैंक के मैनेजर बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। जबकि, सीडीओ ने कार्य खत्म होने तक सभागार में ही बैठने के आदेश दिए थे। जिसे सीडीओ ने अनुशासनहीनता मानते हुए डीएम और मंडलायुक्त को जानकारी दी थी।
साथ ही बैंक प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा जा रहा है। वहीं, बैंक के मैनेजरों का कहना था कि वह आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार ही कार्य करेंगे। बार-बार उन्हें बैठक में बुलाकर घंटों तक बैठाना गलत है। अधिकारी उन पर दबाव बनाकर कार्य कराना चाहते हैं। वहीं, कार्रवाई से बचने के लिए अब बैंक के अधिकारी भी गुपचुप तरीके से बैठककर रणनीति बना रहे हैं, जिससे कि कार्रवाई से स्वयं को बचा सकें।
मामले में सीडीओ हिमांशु गौतम का कहना है कि बैंक के प्रबंधक शासन की योजनाओं को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। लगातार दो दिन समीक्षा बैठक के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। जिस पर अब लीड बैंक के मैनेजर से आरबीआई की गाइडलाइन मांगी गई हैं। जिससे कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो सके।
योजना के लिए मिला लक्ष्य
लक्ष्य - 1700
आवेदन - 1280
उद्योग विभाग से स्वीकृत - 671
बैंकों ने दिया ऋण - 256