पिलखुवा के गांव गालंद में रविवार सुबह एक मकान और हापुड़ के गांव उपैड़ा में एक घेर की छत गिर गई। गनीमत रही कि दोनों हादसे में गृहस्वामी बाल-बाल बच गए। हालांकि एक मवेशी की मौत हो गई। पीड़ितों ने मुआवजे की मांग की है।
गांव गालंद में चंद्रपाल जाटव कच्चे मकान में रहते हैं। शनिवार रात लगातार हुई बारिश से मकान की नींव में पानी भर गया। रविवार सुबह मकान के एक हिस्से की छत भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर के सभी लोग मकान के दूसरे हिस्से में थे।
हालांकि गृहस्थी का काफी सामान हादसे में नष्ट हो गया। चंद्रपाल ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। वहीं हापुड़ के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव उपैड़ा में बारिश के दौरान एक कच्चे घेर की छत गिर पड़ी। हादसे में गृहस्वामी बाल-बाल बच गया।
हालांकि एक मवेशी की मलबे में दबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी प्रकार मलबा हटाया। गांव उपैड़ा के बड़ा मोहल्ले में रहने वाले रोहताश सिंह शनिवार रात अपने घेर में सो रहे थे। क्षेत्र में हुई भारी बारिश से उनके घेर की नींव में पानी चल गया।
देर रात अचानक घेर का लिंटर भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि हादसे के दौरान रोहताश किसी तरह घेर से बाहर निकल गया लेकिन घेर में बंधी गाय की मलबे में दबकर मौत हो गई। परिजनों की चीख पुकार सुनकर मौके पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और पुलिस व प्रशासन को हादसे की सूचना दी।