राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 938 मामले का निस्तारण किया गया। इस दौरान 94.91 लाख रुपये का सेटलमेंट कराया गया।
प्राधिकरण के अध्यक्ष और जिला जज दीपक कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को लोक अदालत में दो वादों का निस्तारण कर छह लाख तीस हजार की धनराशि दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों को दिलवाई गई। अपर जिला जज अरमजीत त्रिपाठी ने 75 वादों का निस्तारण कर 24 हजार रुपये अर्थदंड वसूल किया।
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कमलेश दुबे ने 22 वादों का निस्तारण किया। इसी तरह, अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक चंद्रपाल द्वितीय ने 3 वादों का निस्तारण कर 15 सौ रुपये अर्थदंड वसूल किए। साथ ही 3.50 लाख रुपये की धनराशि हादसा पीड़ितों को दिलाई।
मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने 259 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 25700 रुपये अर्थदंड वसूल किया। प्रथम सिविल जज (सी.डि.) गुलाम मुस्तफा ने 27 वादों का निस्तारण किया। द्वितीय सिविल जज (सी.डि.) रवि यादव द्वारा 14 वादों का निस्तारण किया गया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुणेंद्र प्रकाशद्वारा 36 वादों का निस्तारण कर 6150 रुपये का अर्थदंड वूसल किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम साक्षी गर्ग द्वारा 64 वादों का निस्तारण कर 5350 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया।
प्रथम सिविल जज (जू.डि) कमलकांत गुप्ता 4 वादों का निस्तारण किया गया। द्वितीय सिविल जज (जू.डि) अश्वनी कुमार ने 9 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज (जू.डि) फास्ट ट्रैक आकांक्षा गर्ग ने 43 वादों का निस्तारण कर 7450 रुपये का अर्थदंड वसूला।
सिविल जज (जू.डि)/न्यायिक मजिस्ट्रेट गढ़मुक्तेश्वर अमर प्रताप चौधरी ने 148 वादों का निस्तारण कर 18050 रुपये अर्थदंड वसूल किया। अपर सिविल जज (जू.डि)/न्यायिक मजिस्ट्रेट गढ़मुक्तेश्वर बलराम पवांर द्वारा 101 वादों का निस्तारण कर 34550 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया।
इसके अतिरिक्त विभिन्न बैंकों ने नियत वादों में से 131 प्री-लिटिगेशन वादों का समझौता कर 83.89 लाख रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया। जिसमें 2.54 लाख रुपये की धनराशि बैंकों को नगदी मिलीं। कुल मिलाकर जिले में 938 मामलों का निस्तारण कर 94.91 लाख रुपये का सेटलमेंट किया गया।