हापुड़। जिला मुख्यालय पर सोमवार को शिक्षकों का सातवें दिन भी धरना जारी रहा। धरने के दौरान शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में नियुक्त डीसी को कार्यमुक्त नहीं करने का मुद्दा उठाया। राज्य परियोजना निदेशक के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार के 40 बिंदुओं पर जांच कराने की मांग उठाई।
शिक्षकों ने कहा कि छह अगस्त को राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने हापुड़ बीएसए कार्यालय में सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक को मूल पद पर वापस भेजने के निर्देश दिए थे। इस आदेश के बावजूद डीसी को कार्यमुक्त नहीं किया जा सका है। इसी तरह कई अन्य प्रकरण भी कार्यालय में चल रहे हैं। 40 बिंदुओं पर भ्रष्टाचार के साक्ष्य शिक्षकों के पास मौजूद हैं, लेकिन बीएसए पर राजनीतिक संरक्षण के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। धरना-प्रदर्शन करने वालों में देवेन्द्र शिशौदिया, नीरज चौधरी, अशोक कुमार, विजय त्यागी, बबीता, अंशु सिद्धू, अंशु, आशा, संजय कुमारी, भगत सिंह, अशोक तोमर, हातिम अली, अरुण हूण आदि मौजूद रहे।
कोट -
डीसी को मूल पद पर लौटाने के संबंध में राज्य परियोजना निदेशक का पत्र मिला था। कार्यालय में स्टाफ की कमी के बारे में डीएम को बताया गया, डीएम ने कार्यालय की वास्तु स्थिति से अवगत कराते हुए, पत्र लिखा। इस पर राज्य परियोजना निदेशक द्वारा आदेश को होल्ड किया है। शिक्षक संगठन गलत आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। - रितु तोमर, बीएसए