हापुड़ । विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े ऊर्जा निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में सोमवार की शाम अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही देर शाम मोमबत्ती जलाकर जुलूस भी निकाला। 30 जनवरी तक प्रतिदिन समिति के आह्वान पर मोमबत्ती जलाकर जुलूस निकाला जाएगा।
राज्य विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष हेमंत प्रताप सिंह ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर आरोप लगाया कि जानबूझ कर मौनी अमावस्या स्नान के पहले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का आदेश जारी हुआ है। जिससे अनावश्यक तौर पर अशांति का वातावरण बना रहे।
समिति के सह संयोजक राजेश भास्कर ने कहा कि संघर्ष समिति ने प्रयागराज के सभी बिजली कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वह 30 जनवरी तक कोई आंदोलन नहीं करेंगे और पूरी तरह महाकुंभ में बिजली व्यवस्था श्रेष्ठतम बनाए रखने में दिन-रात लगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने सभी विद्युत वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं कि सभा और मोमबत्ती जुलूस में भाग लेने वाले बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों की वीडियोग्राफी की आए। इस प्रकार के आदेशों से समिति नहीं डरेगी। इस प्रकार से आंदोलन करने पर वीडियोग्राफी करना और उन पर कार्रवाई करने का निर्देश पूरी तरह अलोकतांत्रिक और तानाशाहीपूर्ण है।
इस दौरान अवर अभियंता ईश्वर प्रसाद, महेंद्र प्रजापति, लोकेंद्र, रविंद्र, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।