सिंभावली। सरकारी स्कूलों की इमारतें अब शिक्षा का केंद्र कम और खतरे का घर ज्यादा बनती जा रही हैं। क्षेत्र के गांव फुलड़ी स्थित परिषदीय स्कूल की हालत भी कुछ ऐसी है। स्कूल की हालत ये है कि कमरों से प्लास्टर उखड़ रहे हैं। दीवारों में दरारें आ गई हैं और छतों से पानी टपक रहा है। जर्जर होने के कारण स्कूल के दो कमरों को बंद कर दिया गया, तीन कमरों में ही सभी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
प्रधानाध्यापक का कहना है कि उच्च अधिकारियों को पत्राचार कर भवन के जीर्णोद्धार की मांग की है। हालांकि ग्राम प्रधान ने यहां स्कूल के दो कमरों की छत को ठीक कराने का प्रयास किया, लेकिन हालत जस की तस है। स्कूल में पांच कमरे हैं, इसमें दो की हालत जर्जर है। छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को तीन कमरों में ही बैठाया जा रहा है। यहां पर दोनों कमरों को बंद कर दिया गया है। विभागीय उदासीनता बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती है।
खंड शिक्षाधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि जिन स्कूलों में इस प्रकार की समस्या है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। शीघ्र ही इनकी मरम्मत कराई जाएगी।