पंचायत चुनाव का संग्राम बुधवार को आखिरी चरण के मतदान के साथ थम जाएगा। 13 दिसंबर को मतगणना होगी लेकिन हापुड़ ब्लॉक में 18 गांव ऐसे हैं, जहां चुनाव के बाद भी पंचायतों का गठन नहीं हो सकेगा।
इसका कारण इन गांवों में ग्राम पंचायत सदस्यों का दो तिहाई से कम वार्डों पर नामांकन होना है। हापुड़ ब्लाक के 1265 वार्डों में सिर्फ 939 वार्डों का ही गठन हो पाएगा।
कोरम पूरा करने के लिए कम से कम दो तिहाई सदस्य होने चाहिए। ऐसे में 18 गांवों के प्रधानों को प्रधानी के लिए इंतजार करना होगा।
ग्राम पंचायत चुनाव में हापुड़ ब्लॉक के 18 गांवों में ग्रामीणों ने पंचायत सदस्य पद के लिए रुचि नहीं दिखाई, वहीं प्रधान बनने के जोश में प्रधानी के प्रत्याशी भी कोरम को भूल गए।
इसका नतीजा होगा कि पंचायतों के गठन के लिए प्रधान जी को अगले छह माह तक उप चुनाव होने का इंतजार करना होगा।
हापुड़ ब्लॉक में 93 ग्राम प्रधान पद और 1265 ग्राम पंचायत सदस्य पद पर चुनाव होना था, लेकिन ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 1265 वार्ड में से 326 वार्ड पर नामांकन ही नहीं हुआ।
क्षेत्र के 18 गांवों के यह वार्ड हैं। जिन पर प्रधान तो बनेंगे लेकिन प्रधानी के लिए प्रधान जी को इंतजार करना पड़ेगा।
नामांकन के समय अफसरों ने ग्रामीणों को प्रेरित भी किया था कि ग्राम पंचायत सदस्यों का दो तिहाई कोरम पूरा किया जाए ताकि ग्राम पंचायत का गठन हो सके लेकिन इस ओर न तो प्रधान पद के प्रत्याशियों और न ही ग्रामीणों ने ध्यान दिया।