पिलखुवा। ऊर्जा निगम ने सोमवार देर शाम हाईवे 9 स्थित मदर डेयरी प्लांट का बिजली कनेक्शन सोमवार देर शाम काट दिया। यह कार्रवाई वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर की गई। आयोग ने प्रदूषण नियंत्रण के मानकों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए 28 अक्तूबर को प्लांट की बिजली आपूर्ति बंद करने के आदेश दिए थे। प्लांट बंद होने से सैकड़ों किसानों और कर्मचारियों की चिताएं बढ़ गई हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने निरीक्षण में पाया था कि प्लांट में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण निष्क्रिय थे और तीन बॉयलर एक साथ चल रहे थे। इससे प्रदूषण मानकों का स्पष्ट उल्लंघन हो रहा था। प्लांट में प्रतिदिन करीब दस लाख लीटर दूध की आपूर्ति होती है, जो दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और मुजफ्फरनगर तक जाती है। कनेक्शन कटने से उत्पादन और आपूर्ति दोनों पर असर पड़ा है। अधिकारियों की माने तो प्लांट को अब मानक पूरे करने के बाद ही दोबारा से बिजली आपूर्ति दी जाएगी। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मनीष यादव ने बताया कि आयोग और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। इस संबंध में आदेश मिलते ही एक टीम को वहां भेजा गया और बिजली कनेक्शन काट दिया गया।
एक हजार से अधिक कर्मचारी करते हैं काम
प्लांट में करीब एक हजार कर्मचारी काम करते हैं। इससे सैकड़ों किसान जुड़े हुए हैं। जो दूध की आपूर्ति प्लांट को करते हैं। ऐसे में यदि प्लांट लंबे समय तक बंद हुआ तो सभी के लिए परेशानी बढ़ेगी। प्लांट में दूध के अलावा अन्य उत्पाद भी बड़ी मात्रा में तैयार होते हैं। जिनकी आपूर्ति पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होती है। प्लांट बंद होने से इन क्षेत्रों में दूध की आपूर्ति भी प्रभावित होगी।