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Hapur News: ऊर्जा निगम के टेंडर में अनियमितता का आरोप, जांच शुरू

Thu, 19 Dec 2024 10:23 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। हापुड़ और गढ़ डिवीजन में ऊर्जा निगम के डिपोजिट के कार्यों के लिए पिछले दिनों निकाले टेंडरों में अनियमितता के आरोप लगे हैं। मामले में जांच शुरू होने के कारण फाइल मुख्य अभियंता कार्यालय में अटक गई है। एमडी कार्यालय तक भी शिकायत पहुंच गई है, ऐसे में अब कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है।
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दरअसल, विद्युतीकरण के कार्य कराने के लिए अधीक्षण अभियंता कार्यालय से 20-20 लाख के दो टेंडर निकाले गए थे। दोनों ही टेंडर जिले में पुराने समय से कार्य कर रहे ठेकेदारों को मिले हैं। लेकिन जब निविदा में सामग्री की सच्चाई सामने आई तो मामला गरमा गया।

गढ़ डिवीजन के लिए 20 लाख की निविदा में सिर्फ 140 खंभे व अन्य सामग्री शामिल की गई है। जबकि हापुड़ डिवीजन के लिए निकाली गई 20 लाख की निविदा में 435 खंभे व अन्य सामग्री शामिल की गई है। दोनों निविदाएं एक ही रकम की हैं, फिर भी खंभों में तीन गुना तक का अंतर है।
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चर्चा है कि चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए उनकी संयुक्त बैठक के बाद इस तरह की निविदाएं निकाली गई हैं। बहरहाल, इस मामले में ईमेल के जरिए आशीष गौतम ने एमडी कार्यालय में शिकायत की है।

जिस पर अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। मुख्य अभियंता कार्यालय से फिलहाल टेंडर की फाइल को अनुमति नहीं मिल सकी है। बल्कि कमेटी इस प्रकरण की जांच में लग गई है। पूर्व में टेंडर में अनियमितता के मामले अभी दबे नहीं हैं, कि फिर इस तरह की निविदाएं सामने आ गई हैं। हाल ही में छह अधिकारियों का निलंबन हुई है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया भी कारण बनी थी।



कॉलोनी के विद्युतीकरण की चल रही जांच

गांव दोयमी के पास एक कॉलोनी का ऊर्जीकरण किया गया है। यह कार्य डिपोजिट में होना था, लेकिन जिस ठेकेदार को यह टेंडर मिला था। उससे कॉलोनी का ऊर्जीकरण कराने के बजाए निगम के अधिकारियों ने थर्ड पार्टी से करा दिया। इस मामले में भी शिकायत के बाद जांच शुरू हो गई है।



अधिकारियों के निलंबन के बाद से हापुड़ पर नजर

इस साल हापुड़ में दो अधीक्षण अभियंता, एसडीओ, अवर अभियंता, सीए समेत कई अधिकारी निलंबित हुए हैं। पिछले कुछ दिनों में छह अधिकारी भी निलंबित हुए हैं, जिसे लेकर हापुड़ उच्चाधिकारियों की नजर में है। फिर भी इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं।



तारों की कमी से रुका कार्य
जिले में पिछले कई महीनों से विभिन्न नंबर की वायर नहीं है। ऐसे में डिपोजिट, बिजनेस प्लान में होने वाले बहुत से ऊर्जीकरण के कार्य रुके हुए हैं। अधिकारी पूरे वितरण खंड में ही यह समस्या होने की बात कह, पल्ला झाड़ रहे हैं।


कोट -हापुड़ सर्किल कार्यालय से निकाली गई दोनों निविदाओं की कमेटी जांच कर रही है। कमेटी के निर्णय के बाद ही अनुमति दी जाएगी। नियमानुसार ही कार्य कराया जाएगा। - राजीव कुमार अग्रवाल, मुख्य अभियंता।



निराधार है आरोप

टेंडर प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता नहीं की गई है, शिकायत पूरी तरह निराधार है। दोनों निविदाओं में सामग्री की मात्रा अलग अलग ली गई है, इसलिए खंभे ज्यादा और कम हैं। - एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता।
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