हापुड़। किसानों को आलू के खरीदार नहीं मिल रहे हैं, शीतगृहों से डेयरी संचालक 60 रुपये में पशुओं के लिए आलू का कट्टा (50 से 60 किलो) खरीदकर ले जा रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता के हाईब्रिड आलू को भी ग्राहक नहीं मिल रहे, इसके दाम सिर्फ 200 रुपये तक हैं। चिप्सोना के दाम गिरकर अब 400 तक आ गए हैं। जबकि शीतगृहों में अभी भी करीब 18 हजार एमटी (मीट्रिक टन) आलू भंडारित है।
जिले में पिछले साल आलू की बंपर पैदावार थी, करीब 1.81 लाख एमटी आलू शीतगृहों में भंडारित किया गया। इसके अलावा बाजार में भी आलू की खूब बिक्री हुई। पूरे सीजन किसान बाजार में आलू के दाम बढ़ने का इंतजार करते रहे। लेकिन दाम नहीं बढ़ सके, चिप्सोना भले ही 600 रुपये तक कट्टा बिका, लेकिन हाईब्रिड और कुफरी बाहर समेत अन्य प्रजाति के आलू 500 का दाम भी नहीं छू पाए। उद्यान विभाग ने शीतगृहों को नोटिस जारी कर, 30 नवंबर तक शीतगृहों को खाली कराने के आदेश दिए थे। लेकिन किसानों को अभी भी चटकी का इंतजार है, जबकि पिछले 10 दिन में रेट और गिर गए हैं। अब आलम यह है कि हाईब्रिड आलू के खरीदार तक नहीं मिल रहे हैं। जिन किसानों ने बिना शुगर फ्री वाली चैंबर में आलू रखा था, अब उन्हें वह आलू पशुओं के लिए बेचना पड़ रहा है। डेयरी संचालक महज 50 से 60 रुपये में आलू का कट्टा पशुओं के लिए खरीदकर ला रहे हैं।
उद्यान विभाग नहीं कर रहा सहयोग
आलू की खेती उद्यान विभाग के अधीन आती है, लेकिन इस विभाग के अधिकारी सिर्फ कागजी कार्रवाई में ही लगे रहते हैं। किसानों को अच्छा दाम दिलाना तो दूर उनके खेतों तक जाने का प्रयास नहीं करते। किसान दिवसों में ऐसी समस्याएं उठाई जाती रहती हैं।
जिले में आलू की स्थिति-
क्षेत्रफल-20 हजार हेक्टेयर।
उत्पादन-1.80 लाख मीट्रिक टन।
शीतगृह-1०
भंडारण क्षमता1.90 लाख मीट्रिक टन।
अवशेष आलू18 हजार मीट्रिक टन।
आलू के थोक के रेट
हाईब्रिड200 रुपये/कट्टा
कुफरी बाहर300 रुपये कट्टा
चिप्सोना400 से 450 रुपये कट्टा
(नोट : यह रेट फल सब्जी मंडी के अध्यक्ष ब्रिजेश त्यागी द्वारा बताए गए हैं।
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दस फीसदी आलू है भंडारित-
शीतगृहों में अभी करीब दस फीसदी आलू भंडारित है, पिछले कुछ दिनों में दाम और गिरे हैं। पंजाब और संभल का आलू भी बाजार में आने लगा है। इस बार आलू के दाम किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है।संजीव पटवारी, आलू एसोसिएशन।