भले की योगी सरकार आलू किसानों को राहत देने का दम भर रही है लेकिन आलू की बंपर पैदावार ने ही अब किसानों की माली हालत बिगाड़ दी है। फसल के वाजिब दाम नहीं मिलने और कोल्ड स्टोर में जगह नहीं होने के कारण किसान खेतों में आलू फेंककर जोतने को मजबूर हैं।
गांव अक्खापुर के किसान ने मंगलवार सुबह 180 बोरों में भरे आलू खेत में फेंककर जुताई करा दी। आलू की फसल का वाजिब दाम न मिलने और कोल्ड स्टोरों में रखने के लिए स्थान न मिलने के चलते क्षेत्र के आलू किसान परेशान हैं। आलू का भंडारण न होने के कारण घरों में रखा आलू सड़ रहा है।
इससे किसानों की परेशानी दोगुनी हो गई है। आलू सड़ने से बदबू आने लगी है। इससे परेशान गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव अक्खापुर के किसान राजवीर सिंह ने मंगलवार सुबह घर में रखे 180 बोरो में भरे आलू खेतों में फैलाकर जुताई कर दी।
किसान राजवीर, मनबीर, महकार, दिनेश का कहना है कि आलू की बिक्री से लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। कोल्ड स्टोर में जगह न मिलने से घरों में भी स्टोर करने के लिए जगह नहीं है।
वहीं, सरकार भी आलू खरीद के लिए कोई नीति बनाने को तैयार नहीं है। किसानों का कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार चुनावों में किसान हित के लिए किए गए वायदों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। किसानों ने आलू का वाजिब मूल्य दिलाने की मांग की है।