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Hapur News: प्रदूषण से बढ़े खांसी और आंखों में जलन के मरीज, अस्पतालों में भीड़

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जिला अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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हापुड़। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले एक सप्ताह से खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या करीब दस प्रतिशत तक बढ़ी है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को इन दिनों अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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धूल और धुएं के बढ़ते स्तर के बीच लोगों को गले में जलन, लगातार खांसी और आंखों में परेशानी जैसी शिकायतें हो रही हैं। कई लोग सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर शुरुआत में इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन परेशानी बढ़ने पर चिकित्सकों से परामर्श ले रहे हैं। ईएनटी चिकित्सक डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया कि प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाएं। धूल और धुएं के सीधे संपर्क से बचें। प्रदूषण अधिक होने के दौरान खुले में अनावश्यक न जाएं। इन दिनों में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। वहीं, लगातार खांसी, सांस फूलने या सीने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।
पिछले सप्ताह तक जिला अस्पताल और सीएचसी में हर दिन करीब 120-130 मरीज गले में खराश और खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 140 के करीब पहुंच चुकी है। इन दिनों में सुबह और शाम के समय एक्यूआई 200 के पार है, जबकि दिन में पानी के छिड़काव के कारण यह घटकर 130 के आसपास बना हुआ है। मामले में सीएमओ डॉ. कमल किशोर आहूजा का कहना है कि अस्पतालों में जांच के बाद ही कफ सीरप दिया जा रहा है। लोग एहतियात बरतेंगे तो भी प्रदूषण की चपेट में नहीं आएंगे।
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