साहिबाबाद। 31 पहले अपहरण और राजस्थान के जैसलमेर में प्रताड़ना की कहानी लेकर 23 नवंबर को ट्रांस हिंडन के खोड़ा थाने पहुंचे राजू के मामले में खुलासा हुआ है। राजू एक बार नहीं कई बार लापता हो चुका है। कभी 16 साल पहले तो कभी 31 साल पहले लापता होने की कहानी लेकर वह अब तक कई परिवारों की भावनाओं से खेल चुका है। अब लापता बेटा बनकर उत्तराखंड के देहरादून में बुजुर्ग दंपति के घर में पांच महीने तक रहने का मामला सामने आया है। देहरादून पहुंची साहिबाबाद पुलिस तब मामला खुला गया। शनिवार रात साहिबाबाद पुलिस ने राजू को शहीदनगर से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
परिवार से 31 साल पहले बिछड़े राजू के परिवार से मिलने की खबर दूर-दूर तक पहुंची। गाजियाबाद के खोड़ा थाने में राजू ने पुलिस के सामने शहीद नगर निवासी तुलाराम और उनकी पत्नी लीलावती को अपने बिछड़े हुए माता-पिता बताया। अब पता चला है कि राजू पहले भी खोया बेटा बनकर कई परिवारों की भावनाओं के साथ खेल चुका है। गाजियाबाद से पहले राजू उत्तराखंड के देहरादून में था। एक जुलाई 2024 को राजू देहरादून पुलिस थाने पहुंचा था। यहां खुद को 16 साल पहले लापता होने की बात बताई और परिवार को ढूंढने की गुहार लगाई। पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो ब्राह्मणवाला निवासी कपिल देव शर्मा और उनकी पत्नी आशा देवी तक पहुंचीं।
राजू ने दोनों को अपना माता-पिता बताया और उनके साथ उनके घर रहने लगा। 21 नवंबर को राजू वहां से यह कहकर चला आया कि वह दिल्ली में काम करेगा। इसके बाद राजू दिल्ली फिर गाजियाबाद और खोड़ा थाने पहुंचा। यहां नया परिवार उसे तुलाराम का मिला। देहरादून का मामला सामने आने के बाद शनिवार देर रात साहिबाबाद पुलिस ने राजू को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। वहीं राजू की कहानी अब शक के घेरे में आ गई है। इधर परिजनों ने भी अब राजू के डीएनए टेस्ट की मांग शुरू कर दी है।
वर्जन
शुरूआती पूछताछ में राजू ने बताया है कि देहरादून वाला परिवार उसका असली परिवार नहीं था, इसलिए वह वहां से चला आया था। मामले में कई संदिग्ध बिंदु सामने आए हैं। पूछताछ चल रही है। डीएनए टेस्ट को लेकर पूरी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी, फिलहाल इस तरह की कोई बात नहीं है।
- निमिष पाटील, डीसीपी ट्रांस हिंडन