बुलंदशहर रोड स्थित भारतीय स्टैट बैंक की शाखा में सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने पहुंचे कोतवाली प्रभारी को बैंक के गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। इससे नाराज कोतवाल ने बैंक की सुरक्षा में लगी पुलिस को हटा लिया।
हालांकि, बैंक अधिकारियों के कहने पर फिर से पुलिस लगा दी गई। वहीं, पुलिस अधिकारी फजीहत से बचने के लिए पूरे मामले को दबाने में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार बुधवार की दोपहर कोतवाली प्रभारी आरके सिंह पुलिस बल के साथ सुरक्षा के इंतजाम देखने भारतीय स्टैट बैंक की शाखा में पहुंचे तो गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान कोतवाली प्रभारी ने परिचय भी दिया।
उसके बाद भी उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया गया। इससे नाराज होकर कोतवाली प्रभारी ने बैंक सुरक्षा में लगी पुलिस को हटा लिया। बाद में मामले से एसपी व एडी. एसपी को अवगत कराया गया। एक घंटे बाद उच्च अधिकारियों के आदेश पर मामला शांत हुआ।
हालांकि बैंक व पुलिस अधिकारी भीड़ को सड़क से हटाने के लिए आपस में कहासुनी की बात कह रहे हैं। कोतवाली प्रभारी आरके सिंह का कहना है कि महिलाओं की भीड़ सड़क पर खड़ी हुई थी।
जिसे अंदर कराने के लिए कहा गया था। लेकिन सुरक्षा कर्मी ने मना कर दिया। जिसके बाद अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें अंदर करा दिया गया।
बैंक प्रबंधक राजेश कुमार का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिलाओं को रोका हुआ था। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें अंदर कर लिया गया। सभी आरोप निराधार हैं।