आस्था हत्याकांड...
गढ़मुक्तेश्वर। मेरठ के दौराला निवासी आस्था के शव को ठिकाने लगाने वाले आरोपी गढ़ के गांव लड़पुरा निवासी मृतका के मौसेरे भाई गौरव की तलाश में पुलिस ने दबिश दी। हालांकि, अभी तक आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।
गांव लड़पुरा निवासी गौरव गुर्जर गाजियाबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। सोमवार को उसके घर पर मेरठ के थाना परतापुर पुलिस ने दबिश दी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले गौरव और परिवार के सभी सदस्य ताला लगाकर घर से गायब हो गए। पुलिस को वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा।
दरअसल आस्था की किशोर से सोशल मीडिया पर दोस्ती थी और दोनों मिलते भी थे। इसकी जानकारी होने पर मां राकेश देवी ने पिछले बुधवार को आस्था की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद मामा कमल सिंह, समर सिंह, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू और मौसेरे भाई गौरव शव को कार में डालकर जंगल ले गए और वहां दरांती से उसका सिर काट दिया। आस्था का धड़ हत्यारोपियों ने बहादरपुर रजवाहे और सिर गंगनहर में फेंका गया था। बृहस्पतिवार सुबह धड़ बरामद हुआ, लेकिन सिर का कोई सुराग नहीं मिला। मृतका की सलवार की जेब से मिले मोबाइल नंबर के जरिए उसकी पहचान हो सकी। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि गौरव की तलाश में मेरठ पुलिस ने क्षेत्र में दबिश दी है, लेकिन वह और उसके परिजन नहीं मिल सके हैं।