हापुड़। हथियारों के बल पर लोगों को डरा धमकाकर वसूली करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को पिलखुवा थाना पुलिस और स्वाॅट टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले पीड़ितों के खातों में रुपये मंगवाते थे। इसके बाद गेमिंग एप की आईडी में रुपये ट्रांफकर कराकर अपने खाते में हस्तांतरित करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो हजार रुपये की नकदी, चार मोबाइल, घटना में प्रयुक्त दो बाइक व अवैध असलाह बरामद किया।
एएसपी विनीत भटनागर ने बताया कि थाना पिलखुवा प्रभारी निरीक्षक श्योपाल सिंह व स्वाट प्रभारी पारस मलिक की टीम ने नितिन तोमर निवासी गांव फरीदनगर जिला गाजियाबाद, अजय तोमर निवासी गांव मसौता जिला गाजियाबाद, विवेक निवासी गांव अमीपुर बढायला जिला गाजियाबाद व विजय सिंह निवासी गांव बिसाढा जिला गौतमबुद्धनगर को गांव लाखन के अंडरपास से गिरफ्तार किया। आरोपी 16 नवंबर 2025 की शाम करीब साढ़े छह बजे गांव हिंडालपुर निवासी पशु मित्र नितिन पाल को झूठ बोलकर पशुओं का उपचार कराने के लिए मामा-भांजा होटल के पीछे जंगल में ले गए। यहां आरोपियों ने मारपीट कर धमकाते हुए उनके परिचितों से 64 हजार रुपये उसके खाते में मंगवाए। इसके बाद आरोपियों ने अपने खातों में भी करीब 64800 रुपये ट्रांसफर कराए। इसके बाद मोबाइल फोन तोड़कर नितिन पाल की जेब में रखे पांच हजार रुपये भी लूटकर फरार हो गए थे। आरोपियों ने 27 नवंबर 2025 की रात करीब सात बजे पिलखुवा के मोहल्ला छिपीवाड़ा निवासी नवेद मलिक को अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने उनके परिचित व रिश्तेदारों को फोन करके 43 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए थे। नवेद लाखन अंडरपास से पिलखुवा जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहा था। एएसपी ने बताया कि आरोपी भोले भाले लोगों को हथियार के बल पर डरा धमकाकर उनके परिचितों से वार्ता कराकर पीड़ित के खाते में रुपये मंगवाते हैं। इसके बाद पीड़ितों के खाते से अपने गेमिंग एप की आईडी के खाते में रुपये ट्रांसफर कराते हैं। आरोपी गेमिंग एप की आईडी से अपने खाते में रुपये ट्रांसफर करते हैं। आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनके खिलाफ जिला हापुड़ व गाजियाबाद में करीब 10 मुकदमे दर्ज है। पुलिस अन्य जिलों से भी आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने का प्रयास कर रही है।