पिलखुवा के देहपा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में शनिवार देर शाम आग लग गई, जिसमें मंदिर के पुजारी की झुलसकर मौके पर मौत हो गई। पुलिस और प्रशासनीक अधिक मौके पर पुहंच कर जांच में जुटे है। घटना के बाद से गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
थानांतर्गत क्षेत्र का गांव देहपा मुस्लिल बाहुल्य है। मान्यता है कि यहां सैकड़ो वर्ष पूर्व किसान के खेत में हल चलाते समय शिवलिंग निकले थे। इस मंदिर पर पर प्रति वर्ष हजारों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार समेत अन्य स्थनों से गंगाजल लाकर चढ़ाते है। यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की मनोकाना पूरी होती है। मंदिर पर पिछले चालीस वर्ष से उत्तराखंड के छोटू नाथ महंत पूजा पाठ का काम करते हैं।
शनिवार की देरशाम मंदिर परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई, जिसमें मंदिर के पुजारी की झुलसकर मौके पर मौत हो गई। आग को देखकर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। आग पर जग तक काबू पाया गया तब तक पुजारी की मौत हो चुकी थी। ग्रामीण साजिश के तहत आग लगाना और पुजारी की हत्या करने की आशंका जता रहे है। मुस्लिम बाहुल्य गांव होने के कारण पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच जांच में लगे है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पांडेय का कहना है कि आग संदिग्धि परिस्थितियों में लगी है, पुजारी का शव पोस्टमार्टम को भेजा है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद पुजारी की मौत के सही कारणों का पता चलेगा। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।