संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। कड़कड़ाती ठंड से लोग का बुरा हाल है। बृहस्पतिवार को भी पूरा दिन धुंध छाई रही। दिनभर धूप नहीं निकली। सर्द हवाओं से बढ़ी गलन ने बृहस्पतिवार को पूरा दिन लोगों को परेशान किया। धूप न निकलने के कारण अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। ठंडी और तेज हवाओं के प्रवाह से लोग घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर रहे। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री दर्ज किया गया।
सुबह की शुरूआत बृृहस्पतिवार को भी कोहरे के साथ हुई। इसके बाद सर्द हवाओं और आसमान में छाई धुंध ने तापमान गिरा दिया। पूरा दिन सर्द हवाओं के साथ कडक़ड़ाती ठंड से लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। धूप न निकलने के कारण पूरे दिन गलन से लोग परेशान रहे। खासकर बच्चे और बुजुर्ग घरों में रजाईयों में दुबके रहे। लोगों ने दफ्तरों और घरों में हीटर और अलाव आदि का सहारा लेकर समय काटा।
यह सर्दी बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक सिद्ध हो रही है। शाम के समय सडक़ों पर अपेक्षाकृत कम ही वाहन दिखाई दिए। सर्दी का ही असर रहा कि बाजारों में लोगों की भीड़ नहीं उमड़ी। पूरा दिन बाजार सुनसान दिखाई दिए।
बढ़ती ठंड को देखते हुए लोगों ने हापुड़ नगर पालिका से दिन में भी अलाव जलाने की मांग की है। दरअसल दिन में सूरज न निकलने के कारण निराश्रित लोग काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में दिन में अलाव जलाने की व्यवस्था की मांग की जा रही है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और अधिक बढऩे की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान इसी प्रकार परेशान करेगा। करीब एक सप्ताह तक लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ेगी।
सर्दी का प्रकोप बढ़ते ही कोल्ड डायरिया भी जोर पकड़ गया है। बड़ी संख्या में छोटे बच्चे खांसी, नजला जुकाम, कोल्ड डायरिया से जूझने लगे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पालकी नारंग का कहना है कि यह मौसम बच्चों के लिए खतरनाक है। बच्चों को पूरी तरह कपड़ों में ढककर रखें, धूप निकलने पर ही बच्चों को घर से बाहर निकलने दें। समस्या होने पर तत्काल कुशल चिकित्सक से परामर्श लें।
हवा की रफ्तार कम होने पर प्रदूषण बढ़ा
कोहरा और हवा की रफ्तार कम होने पर क्षेत्र मेें प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। बुधवार को एक्यूआई 161 दर्ज किया गया था जो बृहस्पतिवार को अचानक तेजी से बढ़। एक्यूआई 290 तक पहुंच गया। शाम के समय इसके स्तर में बढ़ोत्तरी जारी थी। इस दौरान लोगों को सांस लेने में घुटन और जलन महसूस हुुई। कोहरे बढ़ने के साथ इसके और बढ़ने के पूरे आसार हैं।