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भीषण गर्मी ने लोगों को किया पसीना-पसीना

Wed, 18 May 2016 09:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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भीषण गर्मी सड़कों पर पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
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चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी पसीना छुड़ा रही है। दिनभर गर्म हवाओं के थपेड़े चलने से राहगीरों को मुश्किल झेलनी पड़ रही है, इससे सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा फैल जाता है। दोपहर होते ही बाजार सूने हो जाते हैं, इससे कारोबार भी ठप पड़ गए हैं।
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ठंडक पहुंचाने वाले हवा भी लू बनकर अब लोगों की दिक्कतें बढ़ा रही है। सुबह 11 बजे तक तो हवा सामान्य रहती है, लेकिन दोपहर में यही हवा गरम थपेड़ों में बदल जाती है। ऐसे में लोगों को घरों से बाहर निकल मुश्किल हो रहा है।

रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर दिन में यात्रियों की संख्या सामान्य से एक चौथाई रह गई। धूप बढ़ने पर एनएच पर भी वाहनों की संख्या सामान्य से आधी रही है। अति व्यस्त रहने वाले गढ़-चौपला, सिंभावली, डेहरा कुटी और ब्रजघाट गंगानगरी में भी लोगों की संख्या बेहद कम रही।
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इसके साथ ही बाजारों में भी दोपहर में सन्नाटा पसरा रहा। किसानों ने भी दोपहर में खेतों पर जाना छोड़ दिया है। गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी मेहनत-मजदूरी करने वालों को झेलनी पड़ रही है। छुट्टियां न होने से स्कूली बच्चों को तपती दोपहर में पसीने से सराबोर होना पड़ रहा है।

मौसम वैज्ञानिक डॉ.नफीस चौधरी के अनुसार तापमान की असामान्य बढ़ोतरी ग्लोबल वार्मिंग का दुष्परिणाम है। इसके चलते हवा का दबाव घटने से वेस्टर्न यूपी में लोकल साइक्लोन की स्थिति बनी हुई है। जिससे दो दिन में तेज आंधी का पूर्वानुमान है। उसके बाद तापमान सामान्य हो सकेगा।

उत्तरी भारत में जून माह के दौरान तापमान ज्यादा रहता है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग से मौसम चक्र में बदलाव आ रहा है। यही कारण है कि मई के तीसरे सप्ताह में ही तापमान बढ़ोतरी ने रिकार्ड तोड़ दिया है।  मध्य मई में ही पारा 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है।

जिला अस्पताल में लू के थपेड़े खाकर उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। मरीजों की संख्या बढ़ते ही अस्पताल प्रशासन ने भी वार्डों में व्यवस्था बढ़ा दी है। वार्ड में बेड की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

गर्मी के कारण डायरिया रोग फैलने लगा है। चिकित्सकों के अनुसार हीट स्ट्रॉक और डायरिया बेहद खतरनाक बीमारी हैं। जल्द इनका इलाज न होने पर यह जानलेवा साबित हो जाती है।

सीएचसी अधीक्षक डा.सुरेश यादव का कहना है कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। गर्मी बढ़ते ही हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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