सूरज के तल्ख तेवर से रोज गर्मी रिकॉर्ड बना रही है। सोमवार को भी पारा चढ़कर 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे लोग त्राहि-त्राहि करने लगे। चिलचिलाती धूप ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। भीषण गर्मी के साथ लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे।
वहीं, गर्मी से स्कूल-कालेजों में स्टूडेंट्स की उपस्थिति भी कम देखने को मिली। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि एक सप्ताह बाद ही गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। दरअसल, रविवार को तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच गया था।
लेकिन सोमवार को सूरज के तल्ख तेवर से गर्मी का प्रभाव और बढ़ गया और अधिकतम तापमान 44 तो न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गर्म हवाएं लोगों को कांटे की तरह चुभती रहीं। लोग पसीने से तरबतर दिखाई दिए।
सड़कों पर तो दोपहर के समय सन्नाटा सा पसरा दिखा। घरों से निकलने वाले बड़े-बुजुर्गों ने छतरी का सहारा लिया। गर्मी के कारण स्कूलों में 15 प्रतिशत तक उपस्थिति कम रही।
सरदार बल्लभभाई पंत कृषि विश्व विद्यालय के मौसम विज्ञानी मनोज आत्रेय का कहना है कि कुछ दिन इसी प्रकार की गर्मी का सामना करना पड़ेगा। 14 मई के बाद गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।