मांगों को लेकर फार्मासिस्टों की हड़ताल से मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। हड़ताल से सीएचसी, पीएचसी पर इलाज कराने पहुंचे मरीजों को दवाओं के लिए भटकना पड़ा। दोपहर दो बजे तक फार्मासिस्टों का धरना जारी रहा।
राहत न मिलने पर उन्होंने 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जीपी गौतम, मंत्री वाईएन सचान ने बताया कि वह सरकार से वेतन विसंगति, प्रोन्नति, मानक निर्धारण, उच्च पदों का सृजन, पदों का पुनर्गठन,
10 वर्ष की सेवा पर राजपत्रित, 4600 वेतन बैंड को इग्नोर करने, ट्रॉमा सेंटर में पद सृजन, पोस्टमार्टम, ब्लड बैंक में कार्यरत फार्मासिस्ट से ड्रग एक्ट एवं ड्यूटी लिस्ट के अनुसार कार्य लियए जाने, पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई थी।
इस दौरान सीएचसी, पीएचसी पर इलाज कराने पहुंचे मरीजों को दवाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। दोपहर दो बजे दवाओं के काउंटर खुले तो मरीजों की भीड़ दौड़ पड़ी। उधर, फार्मेसिस्टों ने राहत नहीं मिलने पर 10 से 15 सितंबर तक काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करने,
16 से 19 सितंबर तक 2 घंटे तक कार्य का बहिष्कार करने, 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में जीपी गौतम, डीपी पालीवाल, वाईएस सचान, एसएस वर्मा, धर्मेंद्र, आनंद वीर, नीरज मलिक, ललित राणा, नीरज सैनी आदि मौजूद रहे।