हापुड़। बरसात के मौसम में आईफ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) के मरीज बढ़ रहे हैं। आंखों में चुभन के साथ मरीजों का पूरा चेहरा भी सूज रहा है। सिर दर्द से मरीजों का बुरा हाल है, इस बीमारी को ठीक होने में आठ से दस दिन का समय लग रहा है। स्वस्थ होने पर भी मरीजों को कई दिन बाद तक भी धुंधला दिखने की समस्या सता रही है।
हापुड़ सीएचसी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय ने बताया कि कंजंक्टिवाइटिस एक वायरस संक्रमण है जो नाक और गले की सूजन, खांसी, बुखार, थकान, शीतलता, शरीर में दर्द आदि जैसे लक्षणों के साथ शुरू होता है। यह वायरस मुख्यतः एक से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने के कारण होता है और यह वायरस वायुमार्ग से भी फैल सकता है।
उन्होंने बताया कि इन दिनों यह बीमारी अधिक फैल रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवाओं के इस्तेमाल के साथ ही परहेज और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बार यह संक्रमण ठीक होने में आठ से दस दिन का समय ले रहा है। स्वस्थ होने वाले मरीजों को धुंधला दिखने की समस्या सता रही है।
अस्पतालों में यह है व्यवस्था
सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा ने बताया कि आईफ्लू की चपेट में आ रहे मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में मॉक्सीफ्लोक्सासिन सॉल्ट आधारित आईड्रॉप और ओलोपाटाडाइन हाइड्रोक्लोराइड सॉल्ट आधारित आईड्रॉप की व्यवस्था कराई गई है। गंभीर रोगियों के लिए जिला अस्पताल में स्पेशल वार्ड भी बनाया गया है। शनिवार को फार्मेसी में इन दवाओं का स्टॉक भी उपलब्ध मिला।
-कंजंक्टिवाइटिस के ये हैं लक्षण-
*आंखों का लाल होना।
*आंखों से पानी या कीचड़ आना।
*आंखों में खुजली या जलन।
*सुबह उठने पर पलकें चिपकी रहना।
*प्रकाश (रोशनी) से परेशानी होना।
-बचाव के ये हैं उपाय-
*बार-बार आंखों को न छुएं।
*अपना तौलिया और रुमाल अलग रखें।
*साबुन से बार-बार हाथ धोएं।
*बाहर जाते वक्त काला चश्मा लगाएं।