पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ कैमरे में हुआ कैद
- फोटो : वीडियो ग्रैब
गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में तीन माह से भी अधिक समय से लगातार ग्रामीणों, राहगीरों के सामने तेंदुए आ रहे हैं। तेंदुए दिखाई देने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं। लेकिन, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तेंदुओं को पकड़ पाने में नाकाम हुए हैं। इससे लोगों में डर बढ़ रहा है।
सिंभावली के नवादा, बुकलाना गांव में तेंदुए नजर आए। जिनसे संबंधित वीड़ियों ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए। इसके अलावा कांवड़ यात्रा से पहले कांवड़ मार्ग पर गांव सिखैड़ा के निकट ओवरब्रिज की सर्विस रोड के पास कई दिनों तक लगातार तेंदुए की आवाजाही बनी रही। गढ़ में खादर क्षेत्र के गांव भगवंतपुर के जंगल में जंगली जानवर ने निराश्रित सांड को निवाला बनाया। जिसका अधखाया शव जंगल में सड़क किनारे पड़ा मिला। इसके अलावा इस एक सप्ताह में ही गढ-मेरठ मार्ग पर ज्ञान संजीवनी अस्पताल के बाहर यूकेलिप्टस के पेड़ पर तेंदुआ दिखा। इसके अलावा गांव हशुपुर, मानकचौक के साथ ही अन्य कई गांवों में तेंदुए दिखे हैं। सोमवार की रात सिंभावली क्षेत्र के गांव नवादा में, गढ़ के गांव झड़ीना में भी तेंदुआ दिखा।
वहीं, मंगलवार की रात सिंभावली से गांव की ओर लौट रहे कार सवार ग्रामीणों को गांव हिम्मतपुर के रास्ते पर प्रधान मुजम्मिल के नलकूप के पास पेड़ पर तेंदुआ दिखाई दिया। कार सवारों ने अपने मोबाइल से तेंदुए का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। क्षेत्र में लगातार तेंदुए सामने आने से ग्रामीणों में महिलाओं, बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा की चिंता गहराने लगी है। लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष जीते चौहान का कहना है कि वन विभाग की टीम केवल खानापूर्ति कर रही है। यदि ठोस कदम उठाए गए होते, तो विभाग इन तेंदुओं को पकड़ने में कामयाब हो गया होता।
वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह का कहना है कि जहां भी तेंदुए, जंगली जानवर की सूचना मिलती है विभागीय टीम पहुंचकर जांच करती है। खादर और सिंभावली में दो स्थानों पर पिंजरे भी लगे हुए हैं। विभागीय टीम जंगलों में कांबिग कर रही है। जल्द ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा।