हापुड़। जिले के तीन ब्लॉक की 37 ग्राम पंचायतों के जीएसटी नंबर न लेने पर पंचायत उपनिदेशक ने इन गांवों में विकास कार्य और पूर्व में हुए कार्यों के भुगतान पर रोक लगाई गई है। इसमें सबसे अधिक धौलाना ब्लॉक की 24 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जीएसटी न मिलने से विभाग को भी लाखों का नुकसान हुआ है।
पिछले दिनों पंचायत राज विभाग के अधिकारियों के साथ पंचायत उपनिदेशक ने वीडियो कांफ्रेसिंग की थी। इसमें जीएसटी पंजीकरण को लेकर भी समीक्षा की गई। समीक्षा में सामने आया कि हापुड़ ब्लॉक की तीन, धौलाना की 24 और सिंभावली की 10 ग्राम पंचायतों ने जीएसटी पंजीकरण और नंबर नहीं लिया है। इस पर पंचायत उपनिदेशक ने नाराजगी जताई। साथ ही इन गांवों में तत्काल कार्रवाई कर पूर्व में हुए कार्यों के भुगतान और नए कार्यों पर जीएसटी नंबर न लेने तक रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि वाणिज्य विभाग की धारा 51 के तहत समस्त ग्राम पंचायतों को जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य किया गया है। नंबर न लेने के कारण विभाग में कार्यों का जीएसटी जमा नहीं हो रहा है, जो एक प्रकार से राजस्व का हानि है।
जिले में 273 ग्राम पंचायतें
जिले के चारों ब्लॉक में 273 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों को मनरेगा, 15 वें वित्त आयोग व राज्य वित्त सहित अन्य मदों से करोड़ों रुपये विकास कार्यों के लिए मिलते हैं। इसमें इंटरलॉकिंग, खड़ंजा, तालाबों की खोदाई, मनरेगा आदि कार्य इसी बजट से कराया जाता है, लेकिन 37 ग्राम पंचायतों ने जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराया है।
पंचायत सचिवों की बड़ी गलती
एक जुलाई 2017 से सभी ग्राम पंचायतों के लिए जीएसटी अनिवार्य किया गया था। एक अक्तूबर 2018 में जीएसटी की धारा 51 के तहत ऐसी कार्यदायी संस्थाएं, जो ढाई लाख से अधिक का भुगतान करती हैं, उन्हें दो प्रतिशत टीडीएस भी देने का प्रावधान है। फिर भी ग्राम पंचायतें ऐसा नहीं कर रही हैं। इसमें सबसे बड़ी गलती पंचायत सचिवों और बीडीओ की है। जिन्होंने जीएसटी नंबर नहीं लिया है, जबकि इसके लिए कई बार आदेश जारी हो चुके हैं।
इन ग्राम पंचायतों में लगी रोक
धौलाना ब्लॉक के गांव आजमपुर, बझैड़ा खुर्द, बासतपुर, भावा, छिजारसी, दहपा कंदौली, दौलतपुर ढीकरी, डूहरी, गालंद, हसनपुर लोढा, हिम्मतनगर, जादौपुर, कमरुद्दीन नगर, कपूरपुर, करनपुर जट्ट, करीमपुर भैपुर, खैरपुर खैराबाद, लाखन, मीरापुर, नारायणपुर वासका, पारपा, पिलखुवा देहात, सिवाया व तिसौली खेड़ा, हापुड़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुर्शदपुर, नूरपूर, श्यामनगर शामिल हैं। इसके अलावा आरिफपुर मढैया, बीरसिंहपुर, भगवानपुर, हबिसपुर बिगास, मोहम्मदपुर खुडलिया, मुबारिकपुर सलामतपुर, रझैटी, राजपुर मढैया, सैना और सलारपुर गांव के पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।
कोट -
जिले की 37 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने जीएसटी नंबर नहीं लिया है। इस कारण अभी इन गांवों में विकास कार्य बंद रहेंगे। पूर्व में हुए कार्यों का भुगतान भी नहीं होगा। इसके लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं।
- शिव बिहारी शुक्ला, डीपीआरओ