पिलखुवा। शाहपुर-फगोता में राजपूत समाज के लोगों पर मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के आरोप में दर्ज मुकदमे के विरोध में गांव में पंचायत का आयोजन हुआ। जिसमें एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों शामिल हुए। सीओ ने साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन देकर पंचायत समाप्त कराई।
गांव निवासी डूंगर ने लक्की, दिनेश उर्फ देव्व, चेतना और विशाल के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके विरोध में ग्राम प्रधान अतुल सिसोदिया के आह्वान और अध्यक्षता में राजपूत समाज की पंचायत हुई। पंचायत में बासतपुर, कस्तला, सोलाना, सपनावत, सिखेड़ा, आलमपुर, सिवाया समेत अन्य गांवों के ग्रामीण और किसान नेताओं ने हिस्सा लिया। ग्राम प्रधान ने बताया कि घटना के समय चारों युवक कांवड़ लेने गए हुए थे। उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। पंचायत में किसान नेता ब्रह्मपाल सिंह, नरेंद्र सिसोदिया, पप्पु नेता, भूपेंद्र सिंसोसिदा, रविंद्र सिंह, मोहित तोमर, रंजित सिसोदिया, सोवरन सिंह, मोहन वीर, सुभाष सिंह, तेजवीर सिंह आदि उपस्थित रहे। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि उन्होंने पंचायत में साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। जिसके उपरांत ग्रामीणों ने पंचायत को समाप्त कर दिया है।