अब नीलम घाटी में भी सीमा पार संदिग्ध गतिविधियों और आतंकी लॉन्चिंग पैड से जुड़े इनपुट की पड़ताल की जा रही है। खराब मौसम और कम दृश्यता के बीच घुसपैठ की आशंका को देखते हुए एलओसी के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में सोमवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। अब नीलम घाटी में भी सीमा पार संदिग्ध गतिविधियों और आतंकी लॉन्चिंग पैड से जुड़े इनपुट की पड़ताल की जा रही है। खराब मौसम और कम दृश्यता के बीच घुसपैठ की आशंका को देखते हुए एलओसी के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बारूदी सुरंग धमाके में मारे गए लश्कर-ए-ताइबा के टॉप कमांडर समेत चार आतंकवादी भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर बड़ी वारदात की फिराक में थे। मारे गए आतंकियों की पहचान मोहम्मद फैजान, मोहम्मद इश्तियाक, मोहम्मद वकास और मोहम्मद आसिम के रूप में हुई है।
2019 में नीलम घाटी में सक्रिय थे लॉन्चिंग पैड...
अक्तूबर 2019 में भारतीय सेना ने तंगधार सेक्टर के सामने पीओजेके में नीलम घाटी स्थित तीन आतंकी लॉन्चिंग पैड तबाह किए थे। उस समय तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि खुफिया सूचनाओं के अनुसार पीर पंजाल के उत्तर में कुछ आतंकी शिविर सक्रिय थे।