श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के लिये राहत भरी खबर है। श्रम विभाग ने दूर-दराज राज्यों और जिलों से आने वाले मजदूरों को मध्याह्न भोजन सहायता योजना शुरू की है।
इसमें पंजीकृत मजदूरों को सिर्फ 10 रुपये देकर दोपहर के समय टिफिन मिलेगा। भोजन योजना में दो प्रकार के खाने का मेन्यू होगा।
निर्माण श्रमिक अपने काम की तलाश में दूर-दराज के राज्यों और जिलों से आते हैं। उनके पास न तो रहने का स्थान होता है और न ही भोजन बनाने की कोई उचित व्यवस्था। ऐसे में उनकी कार्य कुशलता प्रभावित होती है और उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अब प्रदेश सरकार ने श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के लिये मध्याह्न भोजन सहायता योजना शुरू की है। जिसमें पंजीकृत लाभार्थी 10 रुपये या समय-समय पर संशोधित मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराएंगे।
10 रुपये के अतिरिक्त अवशेष लागत की प्रतिपूर्ति बोर्ड द्वारा सब्सिडी के रूप में संस्था को की जाएगी। श्रम विभाग पंजीकृत मजदूरों को दोपहर के समय एनजीओ के माध्यम से टिफिन उपलब्ध कराएगा।
इस टिफिन में दो प्रकार का मेन्यू होगा। जिसमें दाल-रोटी के अलावा गुड़ भी दिया जायेगा।
यह होगा खाने का मेन्यू
मेन्यूू-एक मेन्यू-दो
रोटी-6 चावल
सब्जी-दो सादी सब्जी-2
गुड़ दाल
सलाद गुड़
हरी मिर्च अचार
मध्याह्न भोजन सहायता योजना शुरू कर दी गई है। फिलहाल एनजीओ को तलाश जा रहा है। इस योजना का लाभ उन्हीं मजदूरों को मिलेगा, जो साइटों पर काम कर रहे हैं और पंजीकृत है। जिनके पास दोपहर के खाने के लिये कोई खास इंतजाम नहीं है। - अनुराग मिश्र, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर