ट्रैक फ्रेक्चर से होने वाले ट्रेन हादसों को रोकने के लिए रेलवे गंभीर है। रेलवे ने ट्रैक की सुरक्षा के लिए नई योजना तैयार की है। इसके चलते ट्रैक की ऑनलाइन सिस्टम प्रणाली से सेंसर द्वारा निगरानी की जाएगी। जल्द इस योजना को अमली जामा पहनाने की तैयारी है।
देश में आए दिन रेलवे दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन दुर्घटनाओं में अधिकांश रेलवे ट्रैक में फ्रेक्चर होने से होती हैं। ऐसे में अब रेलवे प्रशासन सुरक्षा को लेकर गंभीर है। सुरक्षा के लिए ट्रैक की लगातार पेट्रोलिंग कराई जा रही है।
अब ट्रैक की ऑनलाइन निगरानी भी की जाएगी। ट्रैक की निगरानी के लिए ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम लगाए जाने हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बामरौली व इलाहाबाद में यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन मानिटरिंग सिस्टम के तहत ट्रैक में फ्रेक्चर या अन्य कोई तकनीकी खामी आती है तो सेंसर के माध्यम से उसका पता लग सकेगा। इससे कंट्रोल रूम को सिग्नल प्राप्त होगा। उसके बाद इस गड़बड़ी को समय रहते ठीक कराकर दुर्घटना टाली जा सकेगी।
यदि परिणाम अच्छे आते हैं तो इसका प्रयोग देश के सभी राज्यों में किया जाएगा। राजधानी के नजदीक होने के चलते हापुड़ माडल स्टेशन की सूची में शुमार है। कई बार लापरवाही के चलते ट्रेन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में यह सिस्टम बेहद कारगर हो सकता है।
एडीआरएम संजीव मिश्रा ने बताया कि उच्च स्तर पर योजना चल रही है। इसके आने से रेलवे सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। इसे डिवीजन के स्टेशन पर प्रयोग किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे गंभीर है।