गंगा मेले के बाद किनारों पर फैली गंदगी की सफाई के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार से डेढ़ सौ कर्मचारी सफाई में जुटेंगे। पॉलीथिन को गंगा में जाने से रोकने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को गंगा मेले का समापन हो गया। लाखों की संख्या में आए श्रद्धालु अपने पीछे बड़ी मात्रा में कूड़ा करकट गंगा के किनारों पर छोड़ गए हैं। इसमें प्रतिबंध के बावजूद बड़ी मात्रा पॉलीथिन है।
पॉलीथिन बैग, डिस्पोजल प्लेट व गिलासों से गंगा के किनारे अटे पड़े हैं। जल्द ही इसकी सफाई नहीं की गई तो यह गंगा में चला जाएगा। इससे निपटने के लिए डीएम ने डीपीआरओ को तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए हैं।
डीपीआरओ रेणु श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकतर श्रद्धालु गंगा मेले से जा चुके हैं। ऐसे में गंगा की सफाई के लिए बुधवार से अभियान चलाया जाएगा। डेढ़ सौ कर्मचारियों को इसमें लगाया गया है।
करीब तीन दिन में तटों की सफाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पॉलीथिन को अलग करके निस्तारित किया जाएगा। बाकी कचरे को वहीं गड्ढे बनाकर दबाया जाएगा।