मिल मालिक और प्रशासनिक अफसरों के गोलमोल रवैये से अब किसानों का सब्र टूटने लगा है। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के जिलाध्यक्ष ने भुगतान न मिलने पर वझीलपुर गांव स्थित अपनी एक बीघा गन्ना की फसल में आग लगा दी।
भाकियू पदाधिकारियों ने शासन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है, इसके बाद किसान अपनी फसल को आग लगा देंगे। भाकियू कार्यकर्ता गन्ना भुगतान की मांग कर पिछले सात दिन से कलक्ट्रेट पर धरना कर रहे हैं।
उनका आरोप है कि 16 एफआईआर दर्ज होने के बावजूद शुगर मिल मालिक खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस, प्रशासन के अधिकारी उन पर हाथ तक नहीं डाल रहे।
गन्ना भुगतान न मिलने के विरोध में दो दिन पूर्व राष्ट्रीय सैनिक संस्था के पदाधिकारियों ने अपना सिर मुंडवा लिया था। छह दिन के धरने के बाद बुधवार को डीएम ने उनसे वार्ता तो की, लेकिन भुगतान दिलाने के संबंध में कोई ठोस बात नहीं कह सके।
इसके विरोध में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सैनिक संस्था के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्यागी निवासी वझीलपुर ने अपने गन्ने की फसल में आग लगा ली। संस्था के पदाधिकारियों ने शासन को 10 दिन में गन्ना भुगतान कराने का अल्टीमेटम दिया है।
इस अवधि में भुगतान न मिलने पर पदाधिकारियों व किसानों ने अपनी गन्ने की फसल में आग लगाने की चेतावनी दी है। वहां पर ज्ञानेंद्र त्यागी, कविता बाना, सत्यवीर प्रधान, यूनिस खान, मास्टर हरस्वरूप, राजकुमार त्यागी, सुशील त्यागी, अनुज कुमार, ज्योति जाटव, अनुपम, संजयथ त्यागी आदि मौजूद रहे।